सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट
उरई। जिलाधिकारी समीर व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तहसील जालौन सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में दूर-दराज क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण की प्रकृति को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सम्पूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 77 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से एक शिकायत का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि फरियादियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिलाधिकारी ने कहा कि जनशिकायतों का निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अधिकारी शिकायतों को संवेदनशीलता से लेते हुए उनकी वास्तविक स्थिति की जांच करें और समस्या का वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निस्तारण न हो, बल्कि फरियादी को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
पुलिस से संबंधित प्रकरणों पर पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए शिकायतों पर निष्पक्षता एवं गंभीरता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
पूर्व सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील कौंच में प्राप्त शिकायतों पर जिलाधिकारी समीर के निर्देश पर कोंच तहसील क्षेत्र के दो प्रकरणों में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है। नगर पालिका परिषद कोंच में नौकरी लगवाने के नाम पर धनराशि लिए जाने की शिकायत में सफाई कर्मचारी प्रदीप कुमार को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर 28 सितंबर को निलंबित किया गया है। वहीं आउटसोर्सिंग कर्मचारी रामशरण गुप्ता से पुनः साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है तथा विस्तृत जांच के लिए त्रिसदस्यीय समिति गठित की गई है।
इसी प्रकार ग्राम देवगांव के चकरोड गाटा संख्या 406 से संबंधित शिकायत में राजस्व निरीक्षक लायक सिंह के स्पष्टीकरण एवं अभिलेखों का परीक्षण कर प्रकरण को जिलाधिकारी के अवलोकन एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित किया गया है। दोनों मामलों में नियमानुसार जांच एवं कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी राकेश सोनी, सीओ, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार, मुख्य विकास अधिकारी एच.एन. प्रसाद, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।