t अनिल प्रभाकर की रिपोर्ट
उरई, जालौन : जनपद में विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम के द्वितीय चरण का शुभारम्भ जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय द्वारा जिला महिला चिकित्सालय परिसर में आयोजित टीकाकरण सत्र के दौरान किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने 9 माह से 05 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की। यह अभियान जनपद में 24 जनवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विटामिन-ए बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे रतौंधी व अंधापन से बचाव, कुपोषण से सुरक्षा तथा रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए प्राकृतिक रूप से फल, हरी सब्जियों, अंडा, दूध एवं दूध से बने उत्पादों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। साथ ही समय पर टीकाकरण से बच्चों को गंभीर संक्रमणों से सुरक्षित रखा जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० देवेन्द्र भिटौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के अंतर्गत 9 माह से 12 माह तक के बच्चों को 1 एमएल तथा 01 से 05 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को 2 एमएल विटामिन-ए की खुराक पिलाई जा रही है। यह खुराक जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उपकेंद्रों एवं उनके क्षेत्र में स्थित सत्र स्थलों पर टीकाकरण दिवस के अवसर पर उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे 9 माह से 05 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को नजदीकी टीकाकरण सत्र स्थल पर ले जाकर विटामिन-ए की खुराक अवश्य पिलवाएं तथा बच्चों का समय से पूर्ण टीकाकरण कराएं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा० ए०पी० वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के द्वितीय चरण में जनपद के 9 माह से 05 वर्ष आयु वर्ग के कुल 2,10,008 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अपर शोध अधिकारी श्री आर०पी० विश्वकर्मा ने बताया कि विटामिन-ए की खुराक से इस आयु वर्ग के बच्चों में 7 प्रतिशत से अधिक मृत्यु दर को रोका जा सकता है, जिससे बाल स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
इस अवसर पर जिला पुरुष चिकित्सालय उरई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा० आनन्द उपाध्याय, जिला महिला चिकित्सालय उरई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा० संजीव प्रभाकर (स्त्रीरोग विशेषज्ञ), अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० वीरेन्द्र सिंह, डा० अरविन्द्र भूषण, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (प्रतिरक्षण) डा० ए०पी० वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डा० प्रेम प्रताप सहित अन्य अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
