धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट
नरैनी (बांदा), 3 सितम्बर। गौ रक्षा समिति के तहसील अध्यक्ष सोनू करवरिया ने मंगलवार को अपनी समिति के सदस्यों सहित नरैनी ब्लॉक की कई गौशालाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान परशहर, मसौनी, कालिंजर तरहटी, गुरेमऊ और छतैनी गौशालाओं की स्थिति देखकर समिति ने गहरी चिंता जताई और जिम्मेदारों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।
परशहर गौशाला: क्षमता से अधिक गौवंश, एक मात्र टीनशेड
निरीक्षण में पाया गया कि परशहर गौशाला में निर्धारित क्षमता से अधिक गौवंश रखे गए हैं। यहां सिर्फ एक टीनशेड बना है, जिसके कारण कई गौवंश धूप और बारिश में खुले में खड़े रहते हैं। हालांकि इस गौशाला में हरा चारा उपलब्ध मिला।
कालिंजर तरहटी: चरही खाली, नाले का पानी पीने को मजबूर
कालिंजर तरहटी गौशाला की स्थिति बेहद खराब मिली। यहां पानी की चरही पूरी तरह खाली थी और खाने की चरही में भी कुछ नहीं था। मजबूरन गौवंश पास से बह रहे नाले का गंदा पानी पीने को विवश थे। समिति ने इसे बेहद गंभीर लापरवाही करार दिया।
मसौनी गौशाला: संतोषजनक हालात
मसौनी गौशाला की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर पाई गई। यहां सभी गौवंश स्वस्थ मिले और उन्हें नियमित भोजन मिल रहा था।
सढ़ा और छतैनी गौशाला: दलदल और जर्जर शेड
सढ़ा व छतैनी गौशाला का हाल देखकर समिति के सदस्य हैरान रह गए। पूरे प्रांगण में इतना ज्यादा कीचड़ और दलदल था कि मनुष्य तक अंदर नहीं जा सकता। टीनशेड जर्जर हालत में पाए गए। गौवंश गंदे पानी और धूप में रहने को मजबूर थे। पानी की चरही काई जमी और गंदी मिली।
गुरेमऊ गौशाला: गंदी चरही और केवल भूसा
गुरेमऊ गौशाला में भी पानी की चरही गंदी मिली। भोजन में केवल मटर का बड़ा बड़ा भूसा उपलब्ध था। किसी प्रकार का पौष्टिक आहार नहीं दिया जा रहा था।
समिति का आरोप: आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां
गौ रक्षा समिति ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन के आदेशों की लगातार अनदेखी की जा रही है। चाहे कमिश्नर हों या जिलाधिकारी, उनके निर्देशों को भी गौशाला प्रबंधन ठेंगा दिखा रहा है। ग्राम प्रधानों पर आरोप है कि वे गौशालाओं में आने वाले धन का दुरुपयोग कर रहे हैं, क्योंकि उनके कार्यकाल का समय अब सीमित बचा हुआ है।
तहसील अध्यक्ष सोनू करवरिया ने कहा कि “बेजुबान गौवंश अपनी पीड़ा कहां व्यक्त करेंगे? जिम्मेदार लोग संवेदनहीन बने हुए हैं। यदि जल्द ही सुधार नहीं किया गया तो शासन स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
