ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। तहसील परिसर स्थित एसडीएम रिंकू सिंह राही के जनता दरबार के दौरान दो युवक अपने-अपने संगठनों के परिचय पत्र लेकर पहुंचे। इनमें एक युवक ने स्वयं को मानवाधिकार संगठन से जुड़ा बताते हुए अपना नाम मुहम्मद अकील बताया, जबकि दूसरे युवक ने पुलिस फ्रेंड ऑर्गेनाइजेशन का कार्ड दिखाकर अपना परिचय दयाशंकर के रूप में दिया।
एसडीएम रिंकू सिंह राही ने बताया कि दोनों युवकों की बातचीत और प्रस्तुत जानकारी में संदिग्धता प्रतीत होने पर उनसे पहचान पत्र और संबंधित दस्तावेज मांगे गए। प्रारंभ में दोनों स्वयं को सरकारी संस्थाओं से संबंधित बता रहे थे, लेकिन प्रस्तुत पहचान पत्रों से ऐसा स्पष्ट नहीं हुआ। इस पर उनके परिचय पत्र जांच के लिए सुरक्षित रख लिए गए हैं और उन्हें अपने पक्ष में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया है।
एसडीएम रिंकू सिंह राही के अनुसार उन्हें पूर्व में शिकायतें प्राप्त हुई थीं कि कुछ लोग जनता दरबार के बाहर बैठकर फरियादियों को गुमराह कर उनके नाम पर धन उगाही कर रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
वहीं मानवाधिकार संगठन से जुड़े बताए जा रहे मुहम्मद अकील का कहना है कि वह अपने संगठन की ओर से शिकायत लेकर एसडीएम से मिलने गए थे। उनका आरोप है कि एसडीएम ने उनका परिचय पत्र अपने पास रख लिया, उनके साथ अभद्रता की तथा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। हालांकि एसडीएम रिंकू सिंह राही ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित व्यक्तियों से वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
