मंदसौर/नाहरगढ(तुलसीराम राठौर)—स्मृति नागरिक सहकारी बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के उत्कृष्ट परिणाम घोषित करते हुए बैंकिंग क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति का प्रदर्शन किया है। बैंक का शुद्ध एनपीए (NPA) शून्य प्रतिशत रहा, जो वर्तमान बैंकिंग परिदृश्य में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। साथ ही बैंक के कुल व्यवसाय में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए यह आंकड़ा 1280 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील पंजवानी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में बैंक की जमा राशि में 106 करोड़ रुपये तथा अग्रिम (ऋण) में 53 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। 31 मार्च 2025 को बैंक की जमा राशि 669.45 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 31 मार्च 2026 को 775.26 करोड़ रुपये हो गई। वहीं अग्रिम राशि 451.80 करोड़ रुपये से बढ़कर 504.80 करोड़ रुपये पहुंच गई।
उन्होंने बताया कि जहां अन्य बैंक एनपीए की समस्या से जूझ रहे हैं, वहीं स्मृति बैंक ने अपने शुद्ध एनपीए को शून्य प्रतिशत पर बनाए रखते हुए खुद को अग्रणी बैंकों की श्रेणी में स्थापित किया है।
बैंक के संस्थापक एवं मार्गदर्शक नरेन्द्र नाहटा ने बताया कि स्मृति बैंक मध्यप्रदेश का एकमात्र सहकारी बैंक है जिसने लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अपना विशेष स्थान बनाया है। वर्ष 2025-26 में बैंक को भोपाल में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में सहकारिता विभाग द्वारा प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ बैंक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि बैंक ने इस वर्ष 160 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यवसाय करते हुए कुल व्यवसाय को 1280 करोड़ रुपये तक पहुंचाया, जिसमें 775 करोड़ रुपये का डिपॉजिट शामिल है। उन्होंने कहा कि बैंक को शेड्यूल्ड बैंक का दर्जा प्राप्त करने के लिए 1000 करोड़ रुपये के डिपॉजिट का लक्ष्य रखा गया है।
बैंक प्रबंधन का उद्देश्य स्मृति बैंक को मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के रूप में विकसित करना और आगे चलकर शेड्यूल्ड बैंक बनाना है, ताकि ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग सहित सभी आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। साथ ही 1 अप्रैल 2026 से ऋण प्रकरणों का अधिकतम 10 दिनों में निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
बैंक द्वारा ग्रामीण और अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में विस्तार के लिए 50 व्यवसायिक संवाददाता (बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट) और व्यापार सहायक (बिजनेस फैसिलिटेटर ) की नियुक्ति की जाएगी। ये प्रतिनिधि खाता खोलने, जमा संग्रह, नकद भुगतान, राशि अंतरण, केवाईसी एवं विभिन्न ऋण प्रकरणों को आगे बढ़ाने जैसे कार्य करेंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्मृति बैंक नई शाखाएं खोलने के सभी मानदंडों को पूरा कर चुका है। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 में इंदौर और रतलाम में दो नई शाखाएं खोली जाएंगी। इसके साथ ही बैंक की शाखाओं की संख्या 14 से बढ़कर 16 हो जाएगी। भविष्य में 3 और शाखाएं खोलने की योजना भी तैयार की जा रही है। बैंक के अध्यक्ष राहुल नाहटा ने इस उपलब्धि का श्रेय बैंक स्टाफ की मेहनत को देते हुए कहा कि आगामी वर्ष 2026-27 में भी निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पूरा स्टाफ प्रतिबद्ध है।
