सुनील सक्सेना की रिपोर्ट
_बांदा,।।
सिविल लाइंस स्थित ऐतिहासिक नागरी प्रचारक पुस्तकालय के नवीन भवन के निर्माण हेतु भूमि पूजन समारोह रविवार को विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। यह नया भवन लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से बांदा विकास प्राधिकरण के दिशा निर्देश में PWD द्वारा बनाया जाएगा और इसे एक आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मालती बासु, विशिष्ट अतिथि अपर जिला अधिकारी (नमामि गंगे) मदन मोहन वर्मा एवं अपर जिला अधिकारी (राजस्व) धर्मेंद्र कुमार की उपस्थिति में संस्था के उपाध्यक्ष शांतनु चतुर्वेदी तथा सचिव एडवोकेट रोहन सिन्हा ने संयुक्त रूप से भूमि पूजन किया।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे अपर जिलाधिकारी मदन मोहन वर्मा ने अपने उद्बोधन में समाज में पुस्तकों एवं पुस्तकालयों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय ज्ञान के मंदिर होते हैं जो समाज के नैतिक व बौद्धिक विकास में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आत्मकथा ‘सत्य के प्रयोग’ की प्रतियां भेंट कर इसके अध्ययन को प्रेरित किया।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष द्वारकेश यादव (मंडेला) ने कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में पुस्तकों तक सरल पहुंच बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा, _”सार्वजनिक पुस्तकालय न केवल सार्वजनिक चरित्र निर्माण की संस्था है, अपितु एक सुखद भविष्य का एहसास भी कराते हैं।”_
संस्था के सचिव एडवोकेट रोहन सिन्हा ने आभार ज्ञापन करते हुए पुस्तकालय के 80 वर्षों से अधिक के गौरवशाली इतिहास और इसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पुस्तकालय में लगभग 80,000 बहुउपयोगी ग्रंथ, शोध पत्रिकाएं, शोध सन्दर्भ पुस्तकें एवं दुर्लभ पांडुलिपियों का विशाल संग्रह संरक्षित है, जो एक अनमोल बौद्धिक सम्पदा है।
*एक ऐतिहासिक संस्था का सफर:*
नागरी प्रचारक पुस्तकालय की स्थापना वर्ष 1913 में राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन द्वारा बांदा नगर के जनसहयोग से की गई थी। समय के साथ सेठ हरि मोहन, स्वर्गीय बाबू राम बिहारी लाल श्रीवास्तव, एडवोकेट द्विजेंद्र निगम, स्व. के.एल. बाहरी सहित अनेक समाजसेवियों, संस्थाओं तथा प्रशासन के सहयोग से इसने विकास के पड़ाव तय किए। पुस्तकालय के पूर्व भवन के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वर्गीय राम बिहारी लाल श्रीवास्तव की प्रतिमा पुस्तकालय सभागार में स्थापित है।
वर्तमान प्रबंध समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक त्रिपाठी एवं सचिव रोहन सिन्हा के नेतृत्व में यह नया प्रकल्प साकार हो रहा है। आगामी कुछ वर्षों में नया भवन न केवल बांदा, बल्कि सम्पूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र को एक उत्कृष्ट बौद्धिक एवं शोध केंद्र प्रदान करेगा।
इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव मनोज निगम ‘लाला’, वरिष्ठ अधिवक्ता राम मिलन सिंह पटेल, राजीव गुप्ता, आदित्य कुमार सिंह, दिनेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार सचिन चतुर्वेदी एवं संजय मिश्रा, अभिमन्यु सिंह, रमेश चंद्र द्विवेदी, दिनेश कुमार श्रीवास्तव, सुनील त्रिपाठी सहित संस्था के कर्मचारी, गणमान्य पाठकगण एवं नगर के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। श्री रमाशंकर द्विवेदी(कोषाध्यक्ष) भी उपस्थित रहे उनकी इस नागरिक प्रचारिणी में कई दशकों से महत्वपूर्ण भूमिका रही,साथ ही कार्यदायी संस्था PWD के भी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
