अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा i उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना से अब बांदा जिले के ग्रामीण अंचलों की सूरत बदलने वाली है। अब दूर-दराज के गांवों का सफर आसान होने वाला है। योजना के तहत जिले के सभी आठों ब्लॉकों के सुदूर गावों को जिला मुख्यालय से सीधे जोड़ने की तैयारी चल रही है। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि अब गांव के गलियारों में 15 से 28 सीटों वाली मिनी बसें नजर आएंगी। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद परिवहन विभाग ने बांदा में इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह योजना न केवल ग्रामीणों के लिए सुगम सफर की सौगात लाएगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्वरोजगार के द्वार भी खोलेगी।
*डग्गामार वाहनों से भरोसे रहने वाले ग्रामीणों को मिलेगी सुरक्षित परिवहन सेवा*
इस योजना के तहत बड़ी बसों के बजाय मिनी बसों का ही संचालन किया जाएगा। इन बसों का निजी वाहन स्वामियों के माध्यम से अनुबंध किया जाएगा। बांदा जिले के सभी आठों ब्लॉकों के दूर-दराज के गांवों के लिए यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है। अब तक डग्गामार वाहनों के भरोसे रहने वाले ग्रामीणों को अब सुरक्षित परिवहन सेवा मिलेगी। छात्र, किसान और व्यापारी अब कम समय और कम खर्च में अपनी तहसीलों और जिला मुख्यालय तक पहुंच सकेंगे। शासन की गाइडलाइन के अनुसार इन रूटों पर निजी वाहन स्वामियों के माध्यम से मिनी बसों का अनुबंध किया जाएगा। जहां जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति जल्द ही रूटों का अंतिम निर्धारण कर आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी।
बांदा के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (ARM) वी.के. चौबे ने योजना पर उत्साह जताते हुए कहा कि हमें शासन से मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के क्रियान्वयन के संबंध में आधिकारिक पत्र प्राप्त हो गया है। यह सरकार की एक अत्यंत सराहनीय पहल है जिससे बांदा के सुदूर ग्रामीण इलाके सीधे जिला मुख्यालय से जुड़ सकेंगे। हम जल्द ही अनुबंध की प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं। इससे न केवल ग्रामीणों का सफर सुरक्षित और सुगम होगा बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
