शिव शर्मा की रिपोर्ट
शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव। चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ बढ़ती अभद्रता और हिंसात्मक घटनाओं के विरोध में शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरगी के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग करते हुए शासन-प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि हाल ही में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोमनी में हुई घटनाओं और वहां दिए गए धरने के विरोध स्वरूप यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। उनका कहना है कि चिकित्सक और मेडिकल स्टाफ दिन-रात मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समर्पित रहते हैं, लेकिन कई बार बिना किसी गलती के उन्हें अनावश्यक आरोपों, दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी सुरक्षित महसूस करेंगे, तभी वे पूरी निष्ठा और एकाग्रता के साथ मरीजों की सेवा कर पाएंगे। उन्होंने मांग की कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा स्वास्थ्य कर्मियों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और कहा कि यह केवल उनके अधिकारों की लड़ाई नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार एवं प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
इस विरोध प्रदर्शन में डॉ. तेजेन्द्र वर्मा (चिकित्सा अधिकारी), श्रीमती श्वेता बंसोड (आरएमए), श्रीमती बेबी शशि मेश्राम, भूपेश्वरी साहू, यामिनी देशमुख, सरस्वती चन्द्रवंशी, तुलसी निर्मलकर, पायल तिवारी, कुमुम लता सोनकर, भगवती मड़ावी, जय कुमार राय, राजिम कोर्राम, प्रीतम ठाकुर, विनय राजपूत एवं यंश साहू सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
