शिव शर्मा की रिपोर्ट
शहर में आधे घंटे की बारिश ने नगर निगम की “कागज़ी तैयारी” को बहाकर सड़क पर ला दिया। प्यारेलाल परिसर के सामने की नाली ने ऐसा उफान मारा कि उसका गंदा पानी सीधे मुख्य मार्ग पर राजसी ठाठ से बहने लगा। लोग मजबूरी में नाक ढककर उसी रास्ते से होकर गुज़रे—जैसे नगर निगम ने ‘जल यात्रा’ का नया रूट तय कर दिया हो।
उधर न्यायालय परिसर भी पीछे नहीं रहा। वहां की पार्किंग में खड़ी गाड़ियाँ आधी पानी में डूबी हुई थीं—मानो किसी जल महोत्सव की तैयारी हो। कोर्ट के अंदर न्याय की बात हो रही थी और बाहर न्याय की गाड़ियाँ पानी में गोता लगा रही थीं।
नगर निगम के अधिकारी, हमेशा की तरह, ‘फील्ड विजिट’ की जगह सोशल मीडिया पर मौसम का लुत्फ उठा रहे हैं। जनता अब यही सोच रही है कि शायद अगली बार नाव चलाने की सुविधा भी नगर निगम अपने वादों में जोड़ ले!
