सोनू करबरिया की रिपोर्ट
नरैनी (बांदा)। प्राचीन एवं श्रद्धा के केंद्र कारू माता मंदिर में देवी प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद नगर में व्यापक आक्रोश एवं चिंता का वातावरण है। इस घटना के संबंध में आज कारू माता मंदिर प्रांगण में नगर के विद्वान पंडितों, गणमान्य नागरिकों, श्रद्धालुओं, महिलाओं एवं पुरुषों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मंदिर की वर्तमान स्थिति, धार्मिक परंपराओं तथा भविष्य की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि खंडित प्रतिमा को बदला नहीं जाएगा, बल्कि विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पुनः पूजा-अर्चना एवं प्राण-प्रतिष्ठा की प्रक्रिया संपन्न कर मंदिर में नियमित पूजा-पाठ को सुचारु रूप से प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए शुभ मुहूर्त एवं तिथि की घोषणा शीघ्र की जाएगी।

बैठक में यह भी तय किया गया कि कारू माता मंदिर के संरक्षण, व्यवस्थाओं एवं धार्मिक गतिविधियों के संचालन हेतु एक कारू माता मंदिर समिति का गठन किया जाएगा। साथ ही मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी पुजारी की नियुक्ति भी की जाएगी।
बैठक के दौरान नगर के वरिष्ठ नागरिक सुंदर लाल त्रिपाठी ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यह मंदिर नगरवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसकी गरिमा एवं सुरक्षा बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस घटना को अंजाम देने वाले दोषियों का शीघ्र खुलासा कर उन्हें कठोर दंड दिलाया जाए। उनके प्रस्तावों का उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों एवं नगरवासियों ने समर्थन किया तथा मंदिर के संरक्षण एवं विकास में हर संभव सहयोग देने का संकल्प लिया।
नगरवासियों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि कारू माता मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त की व्यवस्था की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं धार्मिक भावनाओं का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक का समापन कारू माता के जयकारों एवं मंदिर की गरिमा बनाए रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
