* ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। नगर में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण और उससे लगने वाले जाम की समस्या को लेकर मंगलवार को स्थानीय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए देवनगर चौराहे से सब्जी मंडी तक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। प्रशासन की कार्रवाई से सड़क और दुकानों के सामने किए गए अस्थायी अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदारों द्वारा दुकान के बाहर सामान रखकर सड़क व सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा कर आवागमन बाधित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका कर्मचारियों ने अतिक्रमण कर रखे गए सामान को हटाकर अपने कब्जे में ले लिया।
बताया गया कि देवनगर चौराहे से सब्जी मंडी जाने वाले मार्ग पर दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर काफी दूर तक सामान रख दिया जाता था। इसके चलते सड़क की चौड़ाई कम हो जाती थी और दिनभर वाहनों के साथ ही पैदल राहगीरों को भी निकलने में परेशानी होती थी। व्यस्त समय में स्थिति और गंभीर हो जाती थी तथा जाम जैसी स्थिति उत्पन्न होने से लोगों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ता था।
नगर के लोगों और सभासदों की ओर से लगातार अतिक्रमण हटाने की मांग की जा रही थी। सभासद अन्नू शर्मा सहित अन्य लोगों द्वारा भी प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और अभियान शुरू किया।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को सड़क व सार्वजनिक रास्ते पर सामान न रखने की हिदायत दी। इसके बाद नगर पालिका कर्मचारियों ने दुकानों के आगे रखे सामान, ठेले और अन्य सामग्री को हटाया। जिन दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रास्ता घेर रखा था, उनका सामान नगर पालिका कर्मी भरकर ले गए। अचानक हुई कार्रवाई से अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया।
कार्रवाई के दौरान नगर पालिका के आरआई अनूप कुमार, जेई प्रवीन कुमार सहित तहसीलदार मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण कर आवागमन बाधित करने की स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाकर आवागमन सुचारु कराने का प्रयास किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा इसी तरह लगातार अभियान चलाया जाए और हटाए गए अतिक्रमण दोबारा न होने दिए जाएं तो नगर में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से प्रमुख बाजारों और चौराहों पर नियमित रूप से अतिक्रमण की निगरानी कराने की मांग की है।