अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बाँदा : हज यात्रा-2027 के लिए (स्टेज-1) मेडिकल स्क्रीनिंग कर हज कमेटी की वेबसाइट में अपलोड करने की अंतिम तिथि देर रात 30 सितंबर है। अब तिथि आगे नहीं बढ़ेगी, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया द्वारा नियुक्त *मुख्य हज ट्रेनर हाजी आरिफ़ खांन* ने बताया तिथि बढ़ाने हेतु सेन्ट्रल हज कमेटी व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने सभी चयनित हज यात्रियों को समय से मेडिकल अपलोड करने के कड़े निर्देश जारी किये हैं, मेडिकल अपलोड ना करने पर चयनित यात्रियों का चयन बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त होगा, किसी भी तरीके की समस्या होने पर जनपद बाँदा व चित्रकूट के नामित/अधिकृत हज ई सुविधा केंद्र/मदरसा दारुल उलूम रब्बानीयाँ के प्रबंधक डॉ अबरार अहमद मोबाइल-9415171990 व मुख्य हज ट्रेनर चित्रकूट मंडल हाजी आरिफ खान मोबाइल-9919887150 से संपर्क कर सकतें हैं….
हज यात्रा 2027 के लिए मेडिकल फिटनेस फॉर्म केवल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (Govt. Healthcare Facility) के सरकारी एलोपैथिक मेडिकल ऑफिसर (Govt. Allopathic Medical Officer) द्वारा ही प्रमाणित और मान्य किया जाएगा। हज कमेटी ऑफ इंडिया के आधिकारिक नियमों के अनुसार, हज यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग (स्टेज-1) किसी भी निजी संस्थान, अनाधिकृत या निजी केंद्र से मान्य नहीं होती है। मेडिकल फॉर्म अपलोड के लिए दारुल उलूम रब्बानीयाँ, बाँदा में आजमीन-ए-हज की सुविधा के लिए रोज एक शिविर लगाया जा रहा है। शिविर में हज यात्रियों को ऑनलाइन मेडिकल दस्तावेज अपलोड करने में सहायता और यात्रा की तैयारियों की जानकारी दी जा रही है ।
*स्पष्टीकरण: दारुल उलूम रब्बानिया केवल दस्तावेज अपलोड करने का अधिकृत हज सुविधा केंद्र है,*
मेडिकल स्क्रीनिंग: सबसे पहले सरकारी डॉक्टर से प्राथमिक जांच करवाकर हज कमेटी पोर्टल से डाउनलोड किए गए प्रपत्र (Annexure-I) पर फिटनेस सर्टिफिकेट लें।
दस्तावेज अपलोड: फिटनेस सर्टिफिकेट और बैंक पे-इन-स्लिप को 30 सितंबर 2026 तक हज कमेटी के पोर्टल पर इसे दारुल उलूम रब्बानिया में लगने वाले शिविर में अपलोड करना अनिवार्य है।
अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आधिकारिक सरकारी पत्र में हज-2027 के आवेदनों के प्रचार-प्रसार और हर जिले में हज ई-सुविधा केंद्र (Haj E-Suvidha Kendra) स्थापित करने के संबंध में निर्देश पूर्व में दिए गए हैं।
हज ई-सुविधा केंद्र उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में हज ई-सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर हज आवेदकों को निःशुल्क आवेदन (Free Application Submission) और अन्य जरूरी सुविधाएं प्रदान की जा रही है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, बांदा द्वारा जारी पत्र अत्यंत महत्वपूर्ण और आधिकारिक आदेश है। जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में जारी सूची में संशोधन करते हुए मदरसा दारुल उलूम रब्बानिया (नरैनी रोड-बांदा) को हज ई-सुविधा केंद्र के आधिकारिक मान्यता के रूप में स्थापित और अधिकृत किया गया है। इस केंद्र पर आजमीन-ए-हज (हज यात्रियों) के लिए ऑनलाइन आवेदन और अन्य सभी संबंधित कार्य निःशुल्क (Free) संपादित कराए जाएंगे। इस केंद्र के लिए प्रधानाचार्य श्री सै० अबरार अहमद को जिम्मेदारी दी गई है एवं श्री आरिफ खान (नियर कोतवाली चौक बाजार, आर्यावर्त बैंक के पीछे, बांदा) को हज-2027 के प्रचार-प्रसार और आवश्यक कार्यवाही हेतु अधिकृत किया गया है। चूंकि दारुल उलूम रब्बानिया अब एक शासन द्वारा मान्यता प्राप्त हज ई-सुविधा केंद्र है, इसलिए आप वहां जाकर बिना किसी शुल्क के अपने हज आवेदन, मेडिकल फॉर्म व अन्य दस्तावेज सुरक्षित रूप से अपलोड करवा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य हज समिति द्वारा जारी एक आधिकारिक दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) है.
यह पत्र राज्य के सभी जिलों के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को संबोधित करते हुए 29 जून 2026 को जारी किया गया था. इसका मुख्य उद्देश्य हज यात्रा से जुड़ी सूचनाओं के सही प्रचार-प्रसार को सुनिश्चित करना और अनाधिकृत (फ़र्ज़ी) केंद्रों या लोगों द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों को रोकना है.
*अनाधिकृत प्रचार पर रोक को रोकना, हज समिति के संज्ञान में आया है कि कुछ अनाधिकृत व्यक्ति जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की अनुमति के बिना अपने स्तर पर समाचार पत्रों में हज संबंधी सूचनाएं और केंद्र खोलकर विज्ञापन प्रकाशित करवा रहे हैं. इससे आवेदकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है.*
*फ़र्ज़ी और केंद्रों पर कार्रवाई:* अनाधिकृत कुछ लोग अपने नाम से केंद्र चलाकर यात्रियों से अनैतिक रूप से पैसे वसूल रहे हैं और यह दावा कर रहे हैं कि वे समिति द्वारा अधिकृत हैं. पत्र में साफ किया गया है कि हज समिति ने किसी भी बाहरी व्यक्ति को निजी केंद्र खोलने के लिए अधिकृत नहीं किया है, सरकार द्वारा हज यात्रियों की सुविधा के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के सहयोग से ई-फैसिलिटेशन सेंटर / ई-सुविधा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ ऑनलाइन आवेदन और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं. इसके अलावा समिति की सभी आधिकारिक जानकारियां उनकी आधिकारिक वेबसाइट UP State Haj Committee पर अपलोड की जाती हैं.
*अधिकारियों को सख्त निर्देश:* जिला स्तर पर काम कर रहे ऐसे अनाधिकृत केंद्रों और भ्रामक विज्ञापन देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही सही सूचनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए केवल अधिकृत प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) का ही उपयोग करने को कहा गया है.