अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
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*बांदा: -* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘बुंदेलखंड विकास मॉडल’ का असर अब बांदा की जमीनी हकीकत में साफ दिखने लगा है। जिला मुख्यालय से जुड़े हस्तम संपर्क मार्ग पर कई दशकों से जनता के लिए जी का जंजाल बनी संकरी और खतरनाक पुलिया अब इतिहास बनने जा रही है। गणरा नाला पर राहगीरों की सुरक्षा को ताक पर रखने वाली पुरानी पुलिया की जगह अब एक अत्याधुनिक 3×5×3 साइज का बॉक्स कल्वर्ट आकार ले चुका है। योगी सरकार द्वारा इस कार्य के लिए 1 करोड़ 17 लाख रुपये की धनराशि मंजूर करने के बाद लोक निर्माण विभाग ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगा है और तेजी से काम किया जा रहा है।
*समय सीमा से बहुत पहले काम लगभग हुआ पूरा*
आमतौर पर देखा जाता है कि सरकारी प्रोजेक्ट्स में अधिकांशतः देरी होती है और तय समय सीमा पर काम पूरा नही होते हैं। मगर इसके विपरीत हस्तम मार्ग पर चल रहा यह निर्माण कार्य अपनी तय समय सीमा से काफी पहले ही लगभग समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। निर्माण स्थल पर दिन-रात चल रहे काम का नतीजा है कि कल्वर्ट का ढांचा पूरी तरह तैयार हो चुका है और अब केवल अंतिम चरण का फिनिशिंग कार्य शेष है। जिसको लेकर इस क्षेत्र के लोगों ने इस त्वरित कार्यशैली के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए सरकार के विकास कार्यों का जमकर गुणगान किया है।
*हादसों को दावत देती संकरी पुलिया से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्ति*
स्थानीय लोगों का कहना है कि गणरा नाला पर बनी पुरानी पुलिया इतनी संकरी थी कि रात के अंधेरे में कई बार ट्रैक्टर-ट्रॉली और चार पहिया वाहन दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। वहीं बरसात के मौसम में तो स्थिति और भी जटिल हो जाती थी। जिससे आधा दर्जन गांवों के लोगों का आना जाना इधर से मुश्किलों भरा हो जाता था। बरहाल नया अत्याधुनिक बॉक्स कल्वर्ट न केवल चौड़ा है, बल्कि इसकी जल निकासी क्षमता भी बहुत अधिक है। इसके पूरी तरह चालू होते ही भारी वाहनों की आवाजाही सुगम हो जाएगी और क्षेत्र में होने वाले सड़क हादसों पर हमेशा के लिए लगाम लग जाएगी।