सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट
उरई। जिलाधिकारी समीर ने विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली महत्वपूर्ण एवं निर्माणाधीन विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अब परियोजनाओं की समीक्षा केवल कागजी प्रगति के आधार पर नहीं, बल्कि धरातल पर कार्य की वास्तविक स्थिति, गुणवत्ता और जनता को मिलने वाले लाभ के आधार पर की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण परियोजनाओं को प्रत्येक दशा में 15 अक्टूबर तक पूरा कराया जाए। पूर्ण परियोजनाओं की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें संबंधित विभाग को तत्काल हस्तांतरित किया जाए। कम प्रगति वाली परियोजनाओं के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। समीक्षा में डायट जालौन की 14 प्रतिशत, राजकीय हाईस्कूल खारका के उच्चीकरण की शून्य तथा मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय की 5.5 प्रतिशत प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूमि, बजट, तकनीकी स्वीकृति या विभागीय समन्वय से जुड़ी समस्या हो तो उसका तत्काल समाधान कराया जाए।गोपालपुर, बंधा में गौ संरक्षण केंद्र के निर्माण में अनावश्यक देरी पर जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। वहीं आवास विकास कार्यदायी संस्था को मिनी स्टेडियम का निर्माण 10 अक्टूबर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में जल निगम अर्बन के अधिशासी अभियंता हिमांशु नेगी तथा सिडको के अधिशासी अभियंता जे.बी. सिंह की अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण तलब किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निर्माण कार्यों का सत्यापन करें और फोटो सहित अद्यतन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि सरकारी धनराशि का प्रभावी उपयोग करते हुए समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण और उसका लाभ आमजन तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एचएन प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग अमित सक्सेना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।