अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ पर अभिमुखीकरण बैठक सम्पन्न बांदा। विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के अवसर पर आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० विजेंन्द्र सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य व पोषण के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि नवजात शिशु के लिए जन्म के तुरंत बाद (एक घंटे के भीतर) मां का गाढ़ा पीला दूध (कोलस्ट्रम) अमृत समान होता है। यह बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और उसे कई गंभीर बीमारियों से बचाता है।
इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० अजय कुमार ने बताया कि “शिशु को शुरुआती 6 महीने तक केवल और केवल स्तनपान ही कराना चाहिए। इस दौरान बच्चे को पानी देने की भी आवश्यकता नहीं होती है।”
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय व निर्देश
समुदाय स्तर पर जागरूकताः आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव में धात्री (स्तनपान कराने वाली) और गर्भवती महिलाओं को जागरूक किया जाएगा।
अस्पतालों में काउंसलिंगः सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के बाद माताओं की विशेष काउंसलिंग की जाएगी।
भ्रांतियों को दूर करनाः समाज में स्तनपान से जुड़ी गलतफहमियों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, डा० विजेन्द्र सिंह अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर०सी०एच० डा० अजय कुमार, डा० आर०एन०प्रसाद जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा० विजय शंकर केशरवानी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री कुशल यादव, मातृ स्वास्थ्य
परामर्शदाता श्री अमन गुप्ता, UPTSU के डॉ जगदीश कुमार समस्त अधीक्षक / प्रभारी चिकित्साधिकारी, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।