अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा:। बुंदेलखंड के विकास को रफ्तार देने और मछुआरा समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बांदा जिले के मत्स्य पालकों और मछुआरों की किस्मत चमकाने के लिए सरकार की ओर से विशेष योजनाओं की सौगात दी गई है। इसके तहत आगामी 8 जून से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस कदम से न सिर्फ मत्स्य पालकों की आय दोगुनी होगी बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
*कल्याणकारी योजनाओं से बुंदेलखंड को मिलेगी नई रफ्तार*
योगी सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना’ और ‘निषादराज बोट सब्सिडी योजना’ अब बांदा के मत्स्य पालकों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने के लिए तैयार है। इन योजनाओं के जरिए पारंपरिक रूप से पिछड़े इस क्षेत्र के मछुआरों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि कैसे कम लागत में मत्स्य पालकों को ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके। जिसको लेकर इस बार सरकार का विशेष जोर सघन मत्स्य पालन और तालाबों में ‘एरेशन सिस्टम’ लगाने पर है। एरेशन सिस्टम के जरिए पानी में ऑक्सीजन की मात्रा सही बनी रहती है जिससे मछलियों का उत्पादन तेजी से बढ़ता है और वे स्वस्थ रहती हैं।
बांदा के मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस तकनीक को अपनाने से स्थानीय पालकों की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा। योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र लाभार्थी 8 जून से आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाया है ताकि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो सके और सीधे पात्र व्यक्ति तक सरकारी मदद पहुंच सके। सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
*मछुआरों ने जताया योगी सरकार का आभार*
योगी सरकार के इस बड़े फैसले के बाद बांदा के मत्स्य पालकों और निषाद समुदाय में भारी उत्साह का माहौल है। स्थानीय मछुआरों का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकारों ने हमेशा बुंदेलखंड की अनदेखी की मगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी सुध ली है। आधुनिक नावों के लिए मिलने वाली सब्सिडी और नई तकनीक के सहयोग से अब वे कर्ज के दलदल से बाहर निकल सकेंगे। बांदा के मछुआरा समाज ने इस कल्याणकारी तोहफे के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आभार व्यक्त करते हुए उनकी नीतियों की जमकर सराहना की है।
