अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय तथा वानिकी महाविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 मनाया गया। इस वर्ष वैश्विक थीम “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” है, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रकृति-आधारित समाधानों और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देती है।
इस संदेश को जन तक पहुंचाने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय तथा वानिकी महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पशु चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र चौरसिया, सह अधिष्ठाता ने अपने संबोधन मै कहा कि वर्तमान समय मै जलवायु परिवर्तन वैश्विक स्तर पर एक गंभीर चुनौती बन चुका है। इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वृक्षारोपण के माध्यम से हरित आवरण का विस्तार तथा पर्यावरण- अनुकूल जीवनशैली को अपनाना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होंने सभी से प्रकृति संरक्षण एवं सतत विकास के लिए सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. जितेंद्र के.आर. द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे महाविद्यालय के संकाय सदस्यों डॉ. दिग्विजय सिंह, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. अवंतिका श्रीवास्तव, डॉ. शिव कुमार त्यागी एवं डॉ. राम बचन सहित कर्मचारी लेखराम, प्रभुदयाल एवं सुरेश तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।
वहीं वानिकी महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रभागीय वन अधिकारी अनिल कुमार श्रीवास्तव ने पुत्रंजीवा, अमलतास और मूलश्री के पौधे लगाए। इस अवसर पर प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष डॉ शरद कुमार सिंह के साथ डॉ दिनेश गुप्ता, डॉ योगेश सुमथाने , डॉ चंद्रकांत तिवारी, डॉ विनीता बिष्ट। कार्यक्रम का आयोजन डॉ अवनीश शर्मा ने किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों में पौधों की सुरक्षा एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया तथा पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
