सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थी भी होंगे अभियान का हिस्सा*

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 अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा: * उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के नेतृत्व में इस साल पर्यावरण दिवस के मौके पर बांदा जिले को पूरी तरह हरा-भरा बनाने और वन क्षेत्र का दायरा बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक तथा अभूतपूर्व वृक्षारोपण महाभियान शुरू होने जा रहा है। प्रकृति संरक्षण को समर्पित इस विशाल हरित अभियान के तहत इस बार पूरे जिले में रिकॉर्ड 54 लाख पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी सोच और सुनियोजित रणनीति के चलते इस बार के पौधरोपण कार्यक्रम को महज एक सरकारी औपचारिकता न रखकर एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप दे दिया गया है ताकि समाज का हर वर्ग सीधे तौर पर प्रकृति को संवारने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सके।

 

*5 लाख फलदार भी इस बार रोपित किये जायेंगे पौधे*

 

इस विशाल लक्ष्य को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए वन विभाग सहित तमाम प्रशासनिक अमले और निजी संस्थाओं ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस पूरे महाभियान की कमान संभालते हुए अकेले वन विभाग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 18 लाख पौधों का रोपण करेगा। जबकि शेष 36 लाख पौधों को रोपने का बड़ा जिम्मा अन्य 26 सरकारी विभागों और निजी कंपनियों को सौंपा गया है। पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ आम जनमानस को पोषण से समृद्ध करने के उद्देश्य से इस बार विशेष रूप से लगभग 5 लाख फलदार पौधों को लगाने का निर्णय लिया गया है जो आने वाले समय में जिले की आर्थिक और पोषण सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेंगे।

 

*”एक पेड़ मां के नाम” थीम पर होगा वृक्षारोपण का कार्यक्रम*

 

 

योगी सरकार की इस अनूठी मुहिम को बेहद भावनात्मक और जन-केंद्रित बनाने के लिए इस बार की थीम “एक पेड़ मां के नाम” रखी गई है। इस संवेदनशील और प्रेरक संदेश के माध्यम से समाज के हर व्यक्ति को पर्यावरण से सीधे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आधुनिक तकनीक का समावेश करते हुए सरकार ने इस बार आम नागरिकों को डिजिटल माध्यम से भी इस अभियान का हिस्सा बनने का अवसर दिया है। लोग अपने द्वारा रोपे गए पौधे की तस्वीर भारत सरकार के ‘मेरी लाइफ पोर्टल’ पर लाइव अपलोड कर सकेंगे। जिससे उन्हें सीधे इस राष्ट्रीय हरित क्रांति से जुड़े होने का गौरव प्राप्त होगा।

 

*जनप्रीतिनिधियों की भी होगी भागीदारी, पौधों की देखरेख का भी जिम्मा*

 

अभियान के दीर्घकालिक प्रभाव और पौधों के सुरक्षित विकास के लिए जनप्रतिनिधियों को भी इस मुहिम में एक बड़ी और जिम्मेदार भूमिका सौंपी गई है। जिले के सभी जनप्रतिनिधि अब अपने-अपने क्षेत्रों में अपने द्वारा निर्मित करवाई जाने वाली नई सड़कों के दोनों किनारों पर सघन पौधरोपण सुनिश्चित करवाएंगे और साथ ही उन पौधों के जीवित रहने तथा उनके उचित रखरखाव का पूरा जिम्मा भी स्वयं संभालेंगे।

 

*सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थी भी होंगे अभियान का हिस्सा*

 

डीएफओ अरविंद कुमार ने बताया कि बांदा जिले की सभी 469 ग्राम पंचायतों में इस वृक्षारोपण अभियान को पूरी प्रतिबद्धता के साथ चलाया जाएगा। ग्रामीण स्तर पर इस महाभियान को गति देने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अग्रणी भूमिका सौंपी गई है जो महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करते हुए हर गांव को हरा-भरा बनाएंगी। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले करोड़ों लाभार्थी भी इस पुनीत कार्य में अपनी स्वेच्छा से श्रमदान करेंगे। सामूहिक प्रयासों और जन-भागीदारी की यह अनूठी कड़ी बांदा जिले में एक बड़े सामाजिक और पर्यावरणीय परिवर्तन की शुरुवात करने जा रही है जिससे जिले की फिजा बदलेगी और वन क्षेत्र के विस्तार से आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा।

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