लोकेंद्र भुवाल की रिपोर्ट
*बेमेतरा,i -* जनगणना 2027 के तहत जिले में चल रहे महत्वपूर्ण कार्यों को समयबद्ध एवं सुचारू रूप से पूर्ण कराने हेतु जिला प्रशासन द्वारा कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत जनगणना कार्य में संलग्न सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों के अवकाश पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, जनगणना कार्य में नियुक्त कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कलेक्टर की पूर्व अनुमति के बिना अवकाश पर नहीं जा सकेगा और न ही मुख्यालय छोड़ सकेगा। यह निर्णय भारत सरकार, गृह मंत्रालय एवं भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है।
ज्ञात हो कि भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” का कार्य 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक निर्धारित किया गया है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु यह कदम उठाया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी को विशेष परिस्थितियों में अवकाश की आवश्यकता होती है, तो उन्हें जिला जनगणना शाखा के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करना होगा। उक्त आवेदन पर कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी से पूर्वानुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। बिना पूर्व स्वीकृति के लिया गया अवकाश मान्य नहीं होगा।
इसके साथ ही, जिन अधिकारियों या कर्मचारियों के अवकाश पूर्व में उनके कार्यालय प्रमुख द्वारा स्वीकृत किए गए हैं, उन्हें भी पुनः जिला जनगणना शाखा के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त करना होगा, अन्यथा ऐसे अवकाश स्वतः निरस्त माने जाएंगे। जिला प्रशासन ने सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनगणना 2027 एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, अतः इसे अन्य सभी कार्यों की तुलना में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
