उरई में संदिग्ध लोगों को लेकर हंगामा, उमरारखेड़ा के सैकड़ों लोग पहुंचे डीएम-एसपी कार्यालय

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 राघवेंद्र शर्मा की रिपोर्ट

उरई शहर के मोहल्ला उमरारखेड़ा में संदिग्ध लोगों के रहने की आशंका को लेकर गुरुवार को बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। आरएनटी स्कूल के पीछे स्थित इलाके के सैकड़ों लोग एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए और प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग करने लगे। आक्रोशित लोग जुलूस की शक्ल में डीएम कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर इलाके में रह रहे बाहरी लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से कुछ बाहरी लोग इलाके में रह रहे हैं, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही हैं। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि ये लोग देर रात तक हुड़दंग करते हैं और कई बार झगड़े-फसाद तथा पत्थरबाजी जैसी घटनाओं में शामिल रहते हैं, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है।
स्थानीय निवासी रामवीर सिंह ने बताया कि मोहल्ले में रहने वाले लोग काफी समय से इन बाहरी लोगों की गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि कई बार पुलिस को भी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। “हम लोग चाहते हैं कि प्रशासन इन लोगों के दस्तावेजों की जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि ये लोग कहां के रहने वाले हैं,” उन्होंने कहा।
मोहल्ले के एक अन्य निवासी शिवकुमार निषाद ने कहा कि क्षेत्र में रहने वाले लोग अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। उनका कहना है कि कई बार रात में झगड़े और शोर-शराबे की घटनाएं होती हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों में डर का माहौल बन जाता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संदिग्ध लोगों की पहचान कराई जाए और यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से रह रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इसी तरह स्थानीय निवासी राहुल वर्मा ने कहा कि मोहल्ले में रह रहे कुछ लोगों की भाषा और पहचान स्पष्ट नहीं है, जिससे लोगों में शंका पैदा हो रही है। “हम यह नहीं कह रहे कि वे कौन हैं, लेकिन प्रशासन को जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए ताकि इलाके में फैली अफवाहें और डर खत्म हो सके,” उन्होंने कहा।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा और लोगों को शांत कराने की कोशिश करता रहा। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने कहा कि लोगों की शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति संदिग्ध पाया जाता है या उसके दस्तावेज सही नहीं पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला उरई शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और इलाके के लोगों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की अभी तक प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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