जनपद सरपंच संघ ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, बताया पंचायतों में सही समय पर पर्याप्त राशन सामाग्री नही पहुँचने से हो रही परेशानी*

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   शिव शर्मा की रिपोर्ट

*कोरबा/पाली:- विकासखण्ड पाली के ग्राम पंचायतों में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकानों तक सही समय पर सभी राशन सामाग्री नही पहुँच पाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। जिससे राशन वितरण जैसे जरूरी काम मे दिक्कतें आ रही है। इस समस्या को लेकर जनपद सरपंच संघ ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है तथा पीडीएस गोदाम से पंचायतो में संचालित सरकारी राशन दुकान तक सही समय पर आवंटन अनुसार पर्याप्त खाद्यान सामाग्री सुनिश्चित कराने, साथ ही माखनपुर के तत्कालीन सरपंच पर हुए एकतरफा कार्रवाई को अनुचित करार देते हुए निष्पक्ष जांच पश्चात ही सरपंचों पर कार्रवाई तय करने मांग की है।

 

पंचायतों में समय पर सभी राशन सामाग्री नही पहुँचने की समस्या को लेकर सरपंच संघ, जनपद पंचायत पाली के अध्यक्ष छत्रपाल सिंह राज के अगुवाई में सरपंचों ने एसडीएम को बीते 29 मई को ज्ञापन सौंपा है। राशन वितरण में देरी और अनियमितता से परेशान होकर जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से डोर- स्टेप डिलीवरी समय पर सुनिश्चित करने और लापरवाही करने वाले प्रभारियों, परिवहनकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरपंच संघ द्वारा सौंपे गए अपने ज्ञापन में दर्शाया है कि जनपद पंचायत पाली के 93 ग्राम पंचायतों में पीडीएस अंतर्गत राशन वितरण का कार्य स्व. सहायता समूह एवं सरपंचों के द्वारा किया जा रहा है। इसमें समय पर ट्रकों द्वारा राशन गोदाम से ग्राम पंचायतों की उचित मूल्य दुकानों तक सभी सामाग्री पर्याप्त मात्रा में नही पहुँचाया जाता है। ग्रामीण इलाकों में खाद्यान्न समय पर नही पहुँचने से हितग्राहियों (गरीब परिवारों) को उपेक्षित रहना या बार- बार राशन दुकानों के चक्कर काटने पड़ते है। इससे हितग्राहियों द्वारा शिकायतें एवं दुकान संचालनकर्ता के साथ लड़ाई- झगड़े की स्थिति निर्मित हो जाती है। दूसरी ओर समय पर पर्याप्त मात्रा में राशन सामाग्री चावल, शक्कर, चना आदि नही पहुँचने के पीछे सामाग्री में गड़बड़ी मिलती है। जिससे वितरण में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। उच्च अधिकारियों के द्वारा हमेशा संचालनकर्ता को जेल में डालने की धमकी दी जाती है। जिसके कारण सभी शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन करने वालों में भय बना रहता है। सरपंच संघ ने एसडीएम से मांग की है कि खाद विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों को निर्धारित समय- सीमा के भीतर आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक एकमुश्त प्रदान किया जाए। जिससे हितग्राहियों को सही समय पर खाद्य सामाग्री का वितरण किया जा सके। सरपंच संघ ने ग्राम पंचायत माखनपुर के तत्कालीन सरपंच मनोज पाल पोर्ते पर किये गए एकतरफा कार्रवाई को भी अनुचित करार देते हुए एक अन्य ज्ञापन एसडीएम को सौंप कहा है कि किसी भी निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने पर तत्काल बड़े ठेकेदार अथवा नेतानुमा लोगों का फोन चेक काटने हेतु आ जाता है, नही काटने की स्थिति में डराया- धमकाया जाता है और चेक काटने के बाद हमारी स्थिति बेबस हो जाती है। माखनपुर तत्कालीन सरपंच के साथ भी यही हुआ है, कि उनके द्वारा दबावपूर्वक ठेकेदार को चेक जारी कर दिया और ठेकेदार ने निर्माण कार्य लंबित रखा। प्रशासन द्वारा तय एकतरफा कार्रवाई से पाली ब्लाक के सभी सरपंचों में भय का माहौल है। इस मामले को लेकर भी पाली सरपंच संघ का मांग है कि पंचायत के किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच करने के बाद ही किसी प्रकार की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

 

*पाली विकासखण्ड के आधे पंचायतों में हितग्राहियों को नही बटा 3 माह का शक्कर, चना*

 

शासन द्वारा पीडीएस हितग्राहियों को 3 माह का राशन सामाग्री चावल, शक्कर, चना, नमक का एकमुश्त वितरण करने के निर्देश के बाद प्रशासन द्वारा इसकी व्यवस्था सुनिश्चित तो की गई, जिसके तहत जैसे- तैसे 3 माह का चावल हितग्राहियों को वितरण तो किया गया लेकिन शक्कर, चना वितरण को लेकर अव्यवस्था बनी रही। हालात यह है कि पाली विकासखण्ड के सरकारी राशन दुकानों में कहीं एक माह का तो कहीं दो माह का शक्कर, चना हितग्राहियों को मिल पाया है, जबकि अधिकतर पंचायतों में तो पूरे 3 माह का शक्कर, चना गरीब परिवारों को नही मिल पाया है। ग्रामीणजनों को संदेह है कि कहीं उनके हिस्से का चना, शक्कर ऊंचे दाम पर बड़े दुकानदारों को तो नही बेंच दिया गया? बहरहाल जो भी हो लेकिन जिला प्रशासन को इस दिशा पर संज्ञान लेने की जरूरत है, ताकि गरीबों के हिस्से का राशन सामाग्री उन तक पहुँच सके।

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