राघवेन्द्र शर्मा उरई (जालौन): भारतीय पत्रकार कल्याण परिषद ने पत्रकारों के हितों और उनकी सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम आसरे त्रिवेदी के नेतृत्व में, जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को एक मांग पत्र प्रेषित किया गया है। इस पत्र में पत्रकारों की दयनीय स्थिति पर चिंता जताते हुए उनकी 11 प्रमुख मांगों को तुरंत पूरा करने का आग्रह किया गया है।
प्रमुख मांगें:
परिषद द्वारा शासन के समक्ष निम्नलिखित 11बिंदु प्रमुखता से रखे गए हैं:
स्वास्थ्य सुरक्षा: पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए तत्काल स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की जाए और उन्हें नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए।
सुरक्षा कानून: पत्रकारों पर बढ़ते हमलों और दबाव को देखते हुए उनकी सुरक्षा के लिए एक ठोस गारंटी कानून बनाया जाए।
टोल फ्री आवागमन: देशभर के टोल प्लाजा पर पत्रकारों के पहचान पत्र दिखाने पर उनके वाहनों को टोल टैक्स से मुक्त किया जाए।
“चौथे स्तंभ” की उपेक्षा पर जताई चिंता
मांग पत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उल्लेख किया कि आजादी की लड़ाई से लेकर वर्तमान समय तक पत्रकारों ने “लोकतंत्र के चौथे स्तंभ” के रूप में अपनी अहम भूमिका निभाई है। बावजूद इसके, आज भी पत्रकार मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सुविधाओं के अभाव में पत्रकारों के साथ-साथ उनके बच्चों और परिवार का भविष्य भी अंधकारमय होता जा रहा है।
“जिस प्रकार देश के बच्चों का ध्यान रखा जाता है, उसी प्रकार सरकार को लोकतंत्र के रक्षकों (पत्रकारों) की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उन्हें पूरा करना चाहिए।”
— राम आसरे त्रिवेदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा व राघवेन्द्र शर्मा, सनी कुमार, अवनीश दुबे, राकेश तिवारी, रजनीश कुमार, राकेश बाथम, कुलदीप मिश्रा, कुलदीप गोस्वामी, और दर्जनों लोगों ने प्रशासनिक के माध्यम से प्रेषित यह मांग पत्र जिलाधिकारी, जनपद जालौन (उत्तर प्रदेश) के माध्यम से राष्ट्रपति भवन भेजा गया है। परिषद को उम्मीद है कि केंद्र सरकार पत्रकारों की इन बुनियादी जरूरतों पर संज्ञान लेगी और जल्द ही कोई सकारात्मक कानून या नीति पेश करेगी।
