गेहूं खरीद में पारदर्शिता की सख्त निगरानी, डीएम ने मंडियों में पहुंचकर लिया जायजा*

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विजय द्विवेदी  स्वतंत्र पत्रकार

सनत कुमार बुधौलिया

उरई i        गेहूं खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारु और किसान हितैषी बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जालौन एवं कोंच मंडी में स्थापित विभिन्न खरीद केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जालौन मंडी में संचालित 08 तथा कोंच मंडी में 02 गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण करते हुए बारदाना उपलब्धता, तौल व्यवस्था, खरीद प्रक्रिया एवं किसानों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से परीक्षण किया।उन्होंने मौके पर उपस्थित किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और तत्काल समाधान सुनिश्चित कराया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कुल 64 गेहूं खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि एफसीआई, पीसीएफ सहित सभी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है, जिससे खरीद कार्य निर्बाध रूप से जारी है। उन्होंने किसानों को जानकारी देते हुए कहा कि शासन द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है, जो बाजार दर से अधिक है। ऐसे में किसान सीधे सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचकर उचित मूल्य प्राप्त करें और बिचौलियों से बचें। जिलाधिकारी ने एक किसान की ट्रॉली की अनलोडिंग प्रक्रिया का भी अवलोकन किया और किसानों से बातचीत कर उनकी संतुष्टि का आकलन किया। किसानों द्वारा व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इसी प्रकार की व्यवस्था निरंतर बनाए रखें।जिलाधिकारी ने कहा कि खसरा अभिलेखों में पूर्व में पाई गई त्रुटियों को शासन स्तर पर दुरुस्त कर दिया गया है, जिससे खरीद प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। किसान अब अपनी फार्मर रजिस्ट्री एवं पहचान पत्र के आधार पर आसानी से गेहूं बेच सकेंगे। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीद केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उप जिलाधिकारियों सहित समस्त जिम्मेदार अधिकारियों को सक्रिय रूप से तैनात किया गया है, ताकि हर केंद्र पर सुचारु व्यवस्था बनी रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों को बिना किसी असुविधा के उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर उपलब्ध कराना है। इसके लिए निरंतर निरीक्षण एवं प्रभावी निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी हेमन्त पटेल (जालौन), उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह (कोंच), नायब तहसीलदार रोहन पंथ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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