विज्ञान के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा, विद्यार्थियों को नवाचार के लिए किया प्रेरित

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/नाहरगढ (तुलसीराम राठौर)–

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर मंदसौर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन फॉरेंसिक साइंस विभाग और कृषि विज्ञान विभाग द्वारा मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. राजीव आर. ठाकुर, डीन एकेडमिक अफेयर्स, डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट, विभिन्न विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। कृषि संकाय के निदेशक डॉ. दिनेश बी. त्यागी ने स्वागत भाषण देते हुए बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रतिवर्ष 28 फरवरी को भारतीय वैज्ञानिक सर सी. वी. रमन द्वारा वर्ष 1928 में खोजे गए ‘रमन प्रभाव’ की स्मृति में मनाया जाता है। इस खोज के लिए उन्हें वर्ष 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। उन्होंने इस वर्ष की थीम “विज्ञान में महिलाएं : विकसित भारत की प्रेरक शक्ति” का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार को अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. राजीव आर. ठाकुर ने कहा कि विज्ञान और नवाचार विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं। विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर सामाजिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी और शोध की संस्कृति ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. (डॉ.) सदानंदा प्रुस्ती ने अपने संबोधन में कहा कि मानव जीवन और राष्ट्रीय विकास में विज्ञान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने संस्थान के इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए नवाचार आधारित परियोजनाओं पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वहीं डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. (डॉ.) अरुणावा दास ने कहा कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के आयोजन के लिए प्राप्त अनुदान संस्थान में शोध और नवाचार को प्रोत्साहित करने का प्रतीक है।
कार्यक्रम में शासकीय पी.जी. कॉलेज (कन्या) मंदसौर की सहायक प्राध्यापक खुशबू मांडवार ने विशेषज्ञ व्याख्यान देते हुए राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सर सी. वी. रमन के जीवन व शोध कार्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उन्हें शॉल और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा जीव विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. योगेंद्र वर्मा ने “इम्यूनोलॉजी और वैक्सीनेशन” विषय पर व्याख्यान देते हुए मानव प्रतिरक्षा तंत्र और टीकाकरण के महत्व को विस्तार से समझाया।
कार्यक्रम के दौरान फॉरेंसिक साइंस विभाग के विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान विषय पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। साथ ही ग्रामीण सशक्तिकरण के लिए विज्ञान : युवाओं को प्रेरित करना, जीवन को बदलना विषय पर पोस्टर मेकिंग और ओपन माइक प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
अंत में फॉरेंसिक साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. रवशीष कौर कोहली ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। विश्वविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जागरूकता, नवाचार और अनुसंधान के प्रति रुचि बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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