लोकेंद्र भुवाल की रिपोर्ट
*बेमेतरा । छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के आदेशानुसार श्रीमती सरोज नंद दास, प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा द्वारा 75 वें “संविधान दिवस” 26 नवंबर 2025 के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में सुबह 11:00 बजे न्यायिक अधिकारियो, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों, अधिकार मित्र, एलएडीसीएस के कौसिलों की उपस्थिति में सामुहिक प्रस्तावना का पाठन किया गया। संविधान दिवस के अवसर पर प्रधान न्यायाधीश द्वारा अपने व्याख्यान में बताया कि संविधान एक लिखित दस्तावेज है जिसे देश की रीढ़ और राष्ट्रीय चरित्र का मार्गदर्शन कहा जा सकता है. जो किसी देश के संचालन के लिए एक बुनियादी ढांचा प्रदान करता है। यह न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व जैसे मूल सिद्धांतों पर आधारित है। संविधान हमें हमारे मौलिक अधिकार देता है और साथ ही हमारे कर्तव्यों को भी बताता है, जो एक मजबूत और एकजुट राष्ट्र के निर्माण के लिए आवश्यक हैं। यह विविधताओं से भरे इस देश को एक सूत्र में पिरोता है, जहाँ हर नागरिक समान कानूनों और नियमों के दायरे में आता है। “इस संविधान दिवस पर, हमें यह संकल्प लेना होगा कि हम न केवल संविधान के मूल्यों का सम्मान करें, बल्कि उसके प्रति अपने कर्तव्यों का भी पालन करें। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में, हमें अपने संविधान का पालन करना चाहिए और संविधान निर्माताओं के सपनों के राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए।
संविधान दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा, से लीगल एड डिफेंस कौंसिलो, अधिकार मित्रों एवं तालुका विधिक सेवा समिति, साजा द्वारा विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों में कानूनी जागरूकता और सहभागिता बढ़ानें के लिए संवैधानिक सिद्धांतों पर प्रश्नोत्तरी गतिविधि का भी आयोजन किया गया, सामूहिक संविधान का प्रस्तावना का पाठन किया गया। चीफ, लीगल एड डिफेंस कीसिल द्वारा संविधान दिवस के महत्व और शासन में संवैधानिक मूल्यों की प्रासंगिकता पर लक्ष्मण प्रसाद वैद्य कन्या महाविद्यालय, बेमेतरा में चर्चा करते हुए संविधान के द्वारा प्रदान किये गये छः मौलिक अधिकार एवं 11 मौलिक कर्तव्यों के संबंध में बताया गया कि संविधान हमारे देश का सर्वोच्च कानून है जो सरकार की संरचना, शक्तियों और कर्तव्यों को निर्धारित करता है। भारतीय संविधान को 26 नवम्बर, 1949 को अंगीकृत किया गया था जो 26 जनवरी, सन् 1950 को लागू हुआ। संविधान में दिये गये मौलिक अधिकारों के साथ-साथ हमें अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी पूर्ण निष्ठा के साथ करना चाहिए। सविधान का पालन करते हुए देश की एकता एवं अखण्डता को अक्षुण्ण बनाये रखने का सदैव प्रयास करना चाहिए। इसके अतिरिक्त जिला जेल बेमेतरा में संविधान दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम व चेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विजेता विचाराधीन बंदियों को श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, एवं श्रीमती अनिता कोशिमा रावटे, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बेमेतरा द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया
