*बहिष्कार का दंश झेलता देवांगन परिवार न्याय की गुहार लेकर पहुंचा SDM के पास*
डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम रामा टोला में एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है जहां एक देवांगन परिवार को ग्राम पटेल और कुछ ग्रामीण अपने प्रभाव से परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया गया है 21 वीं सदी में जी रहे है हम सभी लोग उसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में बहिष्कृत होने का मामला सामने आते जा रहा है एक बेहद चिंताजनक मामला है जहां एक देवांगन परिवार को ग्राम पटेल और कुछ ग्रामीण प्रभाव द्वारा सामूहिक रूप से गांव से वैश्विक कियाजाने का आरोप लगा है घटना में पूरे क्षेत्र में सामाजिक सद्भावना और मानव अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं पीड़ित परिवार के अनुसार ग्राम पटेल व कुछ ग्रामीणों ने मिलकर गांव में या आदेश जारी किया कि देवांगन परिवार का हुक्का पानी बंद किया जाए इतना ही नहीं बहू अर्पण देवांगन द्वारा चलाए जा रहा है सिलाई सेंटर को भी मकानमालिक पर दबाव बनाकर जबरन बंद करवाया गया जिसे परिवार के आए का एक साधन था वह भी प्रभावित हो गया है शिक़ायत कर्ता भागचंद देवांगन ने बताया कि ग्राम पटेल की दबंगई के चलते हमारा हुक्का पानी बंद किया गया और ग्रामीणों को साफ-साफ चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति देवांगन परिवार के सदस्यों से बात करता पाया गया तो उसे पर 5000 का जुर्माना लगाया जाएगा ग्राम पटेल ने ₹50000 का भारी जुर्माना लगाया गया है जिसका विरोध करने पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि गंभीर ग्रामीण बच्चों को भी देवांगन परिवार के बच्चों से मिलने जुड़ने से रोक दिया गया है गांव के नाई को परिवार को बाल काटने से मानाकरने का फरमान जारी किया गया है वहीं दुकानदारों को सम्मान नहीं देने बोले है, मेडिकल दुकानों को दवाई नहीं देना । ऐसे फरमान से परिवार के दैनिक जीवन पर गहरा असर पड़ा है यह लगातार अकेलेपन भाई और सामाजिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है पूरी परिवार का कहना कि ग्राम पटेल द्वारा ग्रामीणों को डरा कर अपने निर्णय को लागू कराया जा रहा है जिसके चलते परिवार का गांव में रहना कठिन हो गया है सामाजिक बहिष्कार और आर्थिक प्रतिबंध प्रतिबंधों के बीच परिवार लगभग अलग-थलग गया है घटना से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने SDM एम भार्गव के समक्ष उपस्थित होकर न्याय की गुहार लगा रहा है साथ ही अपने ऊपर अप्रिय घटना न हो इस हेतु थाना प्रभारी के पास लिखित कर शिकायत दर्ज कराई है परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा न्याय और दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की मांग की है ग्रामीण क्षेत्र के इस प्रकार के सामाजिक दमन की घटनाएं कानून व्यवस्था और मानवीय अधिकारों के लिए खतरनाक संकेत मनीी जा रही है अब देखना यहां के प्रश्न इस प्रकरण में प्रशासन क्या कदम उठाता है
*बदले की भावना से ग्राम पटेल ने किया परिवार को बहिष्कृत= भागचंद देवांगन*
पीड़ित परिवार के मुखिया ने कहा कि ग्राम पटेल की दादा गिरि के चलते हम लोगों के ऊपर कार्यवाही किया जा रहा है
*देवांगन परिवार को हमने नहीं छोड़ा है बल्कि देवांगन परिवार के गांव वालों को छोड़ा है =ग्राम पटेल*
रामटोला के भिड़लौती वाले मामले में जब हमने ग्राम पटेल जगनुराम वर्मा ने कहा कि शिकायत करता गांव में शराब बेचता है जबकि गांव में पूर्णतः शराबबंदी लागू किया है उसके बाद भी शराब बेच रहा इसी बात को लेकर मना किया गया लेकिन सुधरने का नाम नहीं ले रहा हमने उनको नहीं छोड़ा है गांव वालों को वो लोग छोड़े है ऐसा कहना है ग्राम पटेल का
*मामले की शिकायत के बाद जांच किया जा रहा है= एसडीएम भार्गव*
मामला प्रकाश में आने के बाद एसडीएम भार्गव से चर्चा करने पर उन्होंने कहा है कि मामले की जांच चल रही है जो भी दोषी होगा उनके ऊपर नियमानुसार कार्यवाही किया जाएगा
