अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बादा: I- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता को लेकर उनको जागरूक करने का काम कर रही है और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रीन चौपालों का आयोजन कराया जा रहा है। ग्रीन चौपाल के माध्यम से पर्यावरण व अनुकूल जीवन शैली को अपने कृषि वानिकी के सतत कृषि वन मॉडल को प्रोत्साहित करने के लिए जहां जागरूक किया जा रहा है। वहीं सरकार द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिससे कि लोग ज्यादा से ज्यादा इनका लाभ ले सके। वही सरकार पारंपरिक पर्यावरणीय ज्ञान को पुनर्स्थापित करने का इस माध्यम से प्रयास कर रही है। बांदा जिले में अब तक लगभग 90 ग्राम पंचायतों में ग्रीन चौपाल का आयोजन किया जा चुका है। जिसके जरिए ग्राम पंचायतों को किस तरह से ईको फ्रेंडली बनाया जाए इसको लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
*पर्यावरण संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने के लिए की गई है इसकी शुरुवात*
दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्रीन चौपाल की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने के लिए की गई है। जिसका उद्देश्य राज्य में हरित क्षेत्र को 2030 तक बढाकर 15% करना है। यह चौपाल प्रत्येक महीने के तीसरे शुक्रवार को आयोजित की जाती हैं और बांदा जिले में अब तक लगभग 90 ग्राम पंचायतों में इनका आयोजन किया जा चुका है। इन ग्रीन चौपालों के नोडल अधिकारी जिला पंचायती राज अधिकारी होते है। इसके अलावा वन विभाग को भी इसमें शामिल किया गया है। चौपाल के माध्यम से जल संचयन, जैविक खेती, सौर ऊर्जा के उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली के प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है
प्रभागीय वन अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि बांदा जिले में लगभग 90 ग्राम पंचायतों में ग्रीन चौपाल का आयोजन अब तक कराया जा चुका है और महीने के तीसरे शुक्रवार को इन चौपालों का आयोजन कराया जा रहा है। चौपाल के माध्यम से वन विभाग की योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी जाती है और इस चौपाल में डीपीओ की टीम भी रहती है और जिला पंचायती राज अधिकारी इसके नोडल हैं। चौपाल के माध्यम से गांव को किस तरह से ईको फ्रेंडली बनाना है। इसको लेकर लोगों के बीच में चर्चा की जाती है। इन्होंने बताया कि जुलाई के महीने में वृक्षारोपण का कार्य किया जाता है और इसको लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि आने वाले समय में किस तरह से वृक्षारोपण कर अपने गांव को हरा भरा बनाना है।
