कुलदीप मिश्रा की रिपोर्ट
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एचआईवी/एड्स विषयक जिला एड्स समन्वय समिति की बैठक कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि एचआईवी/एड्स के अंतर्गत 95-95 लक्ष्य कार्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने समस्त आईसीटीसी काउंसलर्स, परमार्थ सेवी संस्थान, सीएससी 2.0 झांसी को निर्देश दिए कि संबंधित रिपोर्ट्स को समय से सोच पोर्टल पर अपडेट किया जाए तथा आउटरीच माइक्रोप्लान जिला क्षय रोग कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा किए जाएं। उन्होंने एलएफयू मामलों के लिए विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाकर ब्लॉक स्तर पर नियमित फॉलोअप सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही एचआईवी की पुष्टि के सात दिवस के भीतर शत-प्रतिशत एआरटी पंजीकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि त्रैमासिक बैठकें आयोजित कर द्वितीय 95 की प्रगति की सतत निगरानी की जाए तथा कमजोर प्रदर्शन वाले ब्लॉकों, संस्थानों एवं कार्मिकों की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग, टीआई, एनजीओ एवं फील्ड स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि एचआईवी/एड्स अभियान को सफल बनाने के लिए दिए गए सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, जिला क्षय रोग अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद उपाध्याय, जिला पंचायती राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
