वानिकी महाविद्यालय में मनाया गया अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह 2025

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    सुनील सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा।   भारत में सदियों से परंपरागत हस्तकलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हर क्षेत्र में बसे कारीगर और हस्तशिल्प कलाकार अपनी अनूठी कलाओं और परंपराओं को पीढ़ियों से संजो कर आगे बढ़ते आए हैं। इसी भावना को सम्मान देने के लिए अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह 8 से 14 दिसंबर पूरे देश में मनाया जाता है। इसी उद्देश्य वानिकी महाविद्यालय के वन उत्पादन एवं उपयोग विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई 3 के संयुक्त तत्वावधान में छात्र-छात्राओं के लिए 8 से 14 दिसंबर 2025 के बीच अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह मनाया गया।

सप्ताह भर चले इस कार्यक्रम में प्रतिभागी छात्र छात्राओं ने बाँस और लकड़ी से विभिन्न शैलियों में हस्तशिल्प तैयार किए और अपनी कल्पनाशीलता को खूबसूरती के साथ शिल्प में उकेरा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

समापन समारोह में अतिथियों ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कृषिवानिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव उमराव ने आयोजन समिति को इस आयोजन हेतु बधाई दी। आयोजन सचिव डॉ योगेश सुमथाने ने गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। विभाग अध्यक्ष डॉ मोहम्मद नासिर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. रोहित चौधरी का विशेष योगदान रहा।

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