नवगीत नवता व न्याय का मार्गदर्शक

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राजेश द्विवेदी की रिपोर्ट

लालगंज रायबरेली बैसवारा शोध संस्थान एवं निराला मंच के तत्वावधान में प्रथम नवगीत दिवस का आयोजन किया गया। अध्यक्षता कर रहे डॉक्टर ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि साहित्य का काम मनुष्य और समाज का निर्माण है नवगीत के शिल्प में ताजापन और कथ्य में नवीनता है। समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि राम नारायण रमण ने कहा कि नवगीत दिवस के रूप में आज का दिन ऐतिहासिक महत्व का हो गया है। डॉ विनय भदौरिया ने कहा कि नवगीत का प्रारंभ गीतांगिनी के प्रकाशन से माना जाता है। नवगीत कवि वाई.वेद प्रकाश ने कहा कि आधुनिक नवगीत नवता व न्याय का मार्गदर्शक है। हरिनाम सिंह ने कहा कि हिन्दी साहित्य को मथ लें तो नवनीत निकलेगा, वही नवगीत है। डॉ महादेव सिंह ने कहा कि नवगीत के विकास में बैसवारे की साहित्यिक भूमि का महत्वपूर्ण स्थान है। लक्ष्मी शंकर त्रिपाठी ललित ने कहा कि नवगीत साहित्य की त्रिवेणी है। इस अवसर पर सुरेन्द्र सिंह, डॉ शैलेश प्रताप सिंह, अवनीश सिंह,राम गुलाम सविता, योगेन्द्र सिंह, हनुमंत सिंह राम प्रताप सिंह,अजय सिंह, अवनेंद्र प्रताप सिंह,दीप अमन ने भी नवगीत दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए।

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