सनत कुमार बुधौलिया
उरई । जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन की दिशा में जनपद में एक अभिनव जनभागीदारी मॉडल विकसित हो रहा है। विकासखंड रमपुरा के ग्राम मल्हानपुरा में भीषण गर्मी के बीच चार जल तारा संरचनाओं का निर्माण कर वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण की दिशा में सराहनीय पहल की गई है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय व पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने ग्राम पहुंचकर जल तारा संरचनाओं का अवलोकन किया तथा जल सहेलियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जल तारा केवल एक संरचना नहीं, बल्कि जल संकट से निपटने का प्रभावी और टिकाऊ समाधान है। इसके माध्यम से वर्षा के जल को संरक्षित कर भूगर्भ में पहुंचाया जाता है, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होती है तथा जलभराव और मृदा अपरदन जैसी समस्याओं में भी कमी आती है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और जल सहेलियां इस दिशा में प्रेरणादायक कार्य कर रही हैं।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जल सहेलियों द्वारा किए जा रहे प्रयास न केवल गांवों को जल सुरक्षित बनाएंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अमूल्य धरोहर सिद्ध होंगे।
परमार्थ संस्था के सहयोग से वी0 बी0 जी0 राम जी योजना के तहत जनपद में कुल 01 हजार जल तारा संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक 150 जल तारा तैयार किए जा चुके हैं। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल का संरक्षण कर उसे धरती में समाहित किया जा रहा है, जिससे भूजल भंडार का पुनर्भरण सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान जल सहेलियों ने जल तारा की कार्यप्रणाली, रख-रखाव एवं उसके लाभों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि नियमित सफाई, सिल्ट हटाने, फिल्टर परतों की जांच तथा जल प्रवाह की निगरानी के माध्यम से इन संरचनाओं को दीर्घकाल तक प्रभावी बनाए रखा जा सकता है।जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से भी जल संरक्षण के इस अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि “जल है तो कल है” की भावना के साथ प्रत्येक नागरिक को वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण के प्रयासों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। जनपद में जल तारा जैसी संरचनाएं भविष्य की जल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला सिद्ध होंगी।
इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख रमपुरा अजीत सिंह सेंगर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच एन प्रसाद, उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीडीओ प्रशांत पाण्डेय, परमार्थ संस्था से संजय कुमार और वरुण सिंह, सहित बड़ी सख्यां में जल सहेली मौजूद रही।
