राघवेंद्र शर्मा की रिपोर्ट
उरई (जालौन)। ग्राम कुकरगांव स्थित श्री सत्यनारायण वाटिका में आयोजित सात दिवसीय श्रीरामकथा (श्रीमद्भागवत कथा) के शुभारंभ के अवसर पर बुधवार को गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
सुबह करीब 11 बजे मंदिर प्रांगण से कलश यात्रा शुरू हुई। इसमें 108 महिलाएं व बालिकाएं सिर पर कलश धारण कर गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए चल रही थीं। यात्रा में घोड़े, गाजे-बाजे और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु नाचते-झूमते हुए आगे बढ़े। पूरे गांव का माहौल भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः श्री सत्यनारायण वाटिका पहुंचकर संपन्न हुई।
यात्रा के समापन के बाद मंदिर परिसर में हवन-पूजन कराया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। दोपहर बाद श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रारंभ हुआ। श्रीमद्भागवत कथा का वाचन वृंदावन (उत्तर प्रदेश) से पधारे कथावाचक श्री धन्वंतरी दास महाराज द्वारा किया जा रहा है। कथा का आयोजन 7 दिनों तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान संत समागम भी रहेगा। कथा में पारीक्षित की भूमिका श्रीमती सरिता पत्नी चौ. कुलदीप नारायण दुबे (राजू) कुकरगांव एवं श्रीमती भावना पत्नी चौ. रामजी दुबे (काजू) कुकरगांव निभा रही हैं। कार्यक्रम में राजू पाठक, सत्येंद्र पस्तोर, अवधेश कुमार, मनीष व्यास, अजय श्रीवास्तव, ओमप्रकाश राठौर, विनय गुप्ता, केके शुक्ला, कपिल गुमावली, लक्ष्मीनारायण, श्यामनारायण, विनोद कुमार मिश्रा, अनुरुद्ध कुमार दुबे, आनंद कुमार, जितेंद्र कुमार, आशीष, राघवेंद्र सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
