मुकेश सक्सेना की रिपोर्ट
मुकेश सक्सेना
उरई(जालौन)। सिद्धपीठ ठड़ेश्वरी मन्दिर उरई में 2005 से लगातार नव वर्ष के शुभागमन पर सिद्धपीठ के महन्त श्री सिद्ध रामदास महामण्डेश्वर जी के सानिध्य में प्रति वर्ष होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में रासलीला के बाद आज चौथे दिन आचार्य पं.श्रीकांत मिश्र जी ने 12 बजे से 2 बजे मध्यान्ह तक अपने मुखारविंद से भगवान श्री राम के जन्मोत्सव, राम-सीता जी के शुभ विवाह की कथा को विस्तार से सुना कर भक्त गणों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं आचार्य पं.श्री पुष्पेन्द्र द्विवेदी जी श्रीमद् भागवत कथा में आज चौथे दिन दानी राजा बलि से बावन भगवान ने तीन पग भूमि दान में मांग कर सारा राजपाट दान में दे लिया। बासुदेव-देवकी के विवाह एवं मथुरा के राजा कंस को बहिन को शादी के बाद उसकी ससुराल भेजने जा रहे थे तभी आकाशवाणी हुई कि जिस बहिन को तू बड़े प्यार के साथ भेजने जा रहा है उसी के आठवें पुत्र से तू मारा जायेगा,जब देवकी के आठवें पुत्र के रूप में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा को विस्तार से अपनी मधुर वाणी से भक्त गणों को सुना कर भावा विभोर कर दिया।
उन्होंने कहा कि उपरोक्त धार्मिक कार्यक्रम में प्रतिदिन 12 बजे से 2 बजे तक श्री राम कथा होगी तथा अपराह्न 2 बजे से 5 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा चलेगी।
उपरोक्त कार्यक्रम में पारीक्षित श्री अजय बाजपेई व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गीता बाजपेई ने सभी भक्त गणों से अपील की है कि उपरोक्त धार्मिक कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों।
सिद्धपीठ ठड़ेश्वरी मन्दिर उरई में श्रीमद् भागवत कथा एवं श्रीराम कथा 31 दिसंबर तक चलेगी। जिसके समापन पर 1 जनवरी 2026 को हवन पूजन के बाद विशाल भण्डारा आयोजित किया जाएगा।
महन्त श्री श्री सिद्ध रामदास महामण्डेश्वर जी ने सभी भक्त गणों से अपील की है कि उपरोक्त थार्मिक कार्यक्रमों में अवश्य शामिल होकर अपने जीवन को धन्य बनाये।
