शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव। उत्कृष्ट विद्यालय से 100 से अधिक बच्चों का चयन नवोदय, प्रयास और एकलव्य विद्यालयों में कराने वाले, समाज में शिक्षा, पर्यावरण और सेवा का आदर्श स्थापित करने वाले नीलकंठ कोमरे को उनके अद्वितीय योगदान के लिए राज्यपाल पुरस्कार से 2024 सम्मानित किया गया।
प्रतियोगिता परीक्षा में उत्कृष्ट चयन कठिन परिश्रम, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बल पर नीलकंठ कोमरे ने अपने विद्यालय से अनेक विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित करवाया। यह उपलब्धि न केवल उनके विद्यालय के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए योगदान
“स्वच्छ पर्यावरण ही स्वस्थ समाज की नींव है” — इस सिद्धांत पर चलते हुए नीलकंठ कोमरे ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियानों का नेतृत्व किया। उनके प्रयासों से कई गांव और विद्यालय हरियाली और स्वच्छता की मिसाल बने।
रक्तदान शिविर का आयोजन
मानव सेवा को सर्वोच्च मानते हुए उन्होंने समाज के युवाओं के साथ मिलकर कई रक्तदान शिविर आयोजित किए, जिससे सैकड़ों जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका।
विद्यालय को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना
समाज के सहयोग से नीलकंठ कोमरे ने अपने विद्यालय में शुद्ध पेयजल, ग्रीनबोर्ड, विद्यालय के भौतिक संसाधन,पुस्तकालय, खेल सामग्री समाज के सहयोग से और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं सुनिश्चित कीं। इससे न केवल अध्ययन का वातावरण बेहतर हुआ, बल्कि छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ा।
राज्यपाल पुरस्कार – एक प्रेरणा
यह पुरस्कार नीलकंठ कोमरे के अथक परिश्रम, ईमानदारी और सेवा भावना का प्रतीक है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह संदेश देती है कि शिक्षा, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संगम ही उज्ज्वल भविष्य की राह बनाता है।
नीलकंठ कोमरे की कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि संकल्प अडिग हो और प्रयास सतत हों, तो व्यक्ति न केवल अपनी सफलता की ऊंचाइयों को छू सकता है, बल्कि पूरे समाज और पर्यावरण को भी नई दिशा दे सकता है।
