सभी विकास खंडों की कृषि रक्षा इकाइयों पर खरपतवार नाशक दवाएं कराई गईं उपलब्ध*

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    सुनील सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा: 21 दिसम्बर- गेहूं की फसल का किसानों को भरपूर उपज मिले उसको लेकर योगी सरकार अब खरपतवारनाशी दवाओं पर किसानों को 50% तक अनुदान दे रही है। और सभी विकास खंडों की कृषि रक्षा इकाइयों पर खरपतवार नाशक दवाए उपलब्ध कराई गई है। वहीं फसलों को कीट व रोग की समस्या से बचाने के लिए सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली के लिए मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। जिससे कि किसी भी समस्या को लेकर किसान कृषि विशेषज्ञों से फोन से वार्ता कर सकें और अपनी समस्या का निदान पा सकें। किसान उक्त मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए अपनी समस्या लिख सकते हैं। और संबंधित पौधों की फोटो के साथ अपना नाम, गांव का नाम, विकासखंड व जनपद लिखते हुए मैसेज भेज सकते हैं। और किसानों की समस्या का 48 घंटे के अंदर निदान संबंधित कृषि विशेषज्ञों के द्वारा बताया जाएगा। और इसको लेकर मुख्यालय से सभी कृषि अधिकारियों को विशेष निर्देश भी दिए गए हैं।

*गेंहू की फसल में संकरी पत्ती वाले गेंहुसा व जंगली जई जैसे उगते हैं खरपतवार*

बता दे कि रवि में गेहूं एक प्रमुख खाद्यान्न फसल है। और गेहूं की फसल की बुवाई के बाद विभिन्न प्रकार के खरपतवार उगते हैं। जो की वानस्पतिक वृद्धि को रोकते हैं इसकी वजह से गेहूं की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जिससे उपज में 15 से 20% तक की कमी आ सकती है। गेहूं की फसल में सकरी पत्ती वाले खरपतवार जैसे गेहूंसा, जंगली जई इत्यादि खरपतवार पैदा हो जाते हैं जो उपज को प्रभावित करते हैं।

*48 घंटे के भीतर किसानों की समस्या का उन्हें बताया जाएगा निदान*

जिला कृषि रक्षा अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि सरकार खरपतवार नाशी दावों पर किसानों को 50% तक अनुदान दे रही है। जिससे कि किसानों की फसल का उन्हें पूरी उपज मिल सके। और सभी विकासखंडों की कृषि रक्षा इकाइयों पर खरपतवार नाशक दवाएं उपलब्ध है। इन्होंने बताया कि गेहूं की फसल में संकरी पत्ती वाले खरपतवार जैसे- गेहूँसा, जंगली जई इत्यादि के नियंत्रण के लिए सल्फोसल्फयूरान 75 प्रतिशत डब्लू०जी० (13.5 ग्राम सक्रिय तत्व- 500 एम०एल० साल्वेन्ट) अथवा फिनोक्साप्राप-पी ईथाइल 10 प्रतिशत ई०सी० की 400 एम०एल० एवं चौडी पत्ती वाले खरपतवार जैसे-बथुआ, सँजी, कृष्णनील, हिरनखुरी, चटरी-मटरी अकरा, अकर जंगली गाजर, प्याजी, सत्यानाशी अत्यादी के नियंत्रण के लिये मेटसल्फयूरान मिथाईल 20 प्रतिशत डब्लू०पी० (8 ग्राम सक्रिय तत्व- 200 एम०एल० साल्वेन्ट) अथवा 2.4 डी सोडियम साल्ट 80 प्रतिशत की 250 ग्राम मात्रा 150-200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड की दर से प्लैट फैन नाजिल से प्रथम सिंचाई के 30-35 दिन की अवस्था में छिडकाव करे। संकरी एवं चौडी पत्ती दोनो प्रकार के खरपतवारों के एक साथ नियंत्रण हेतु सल्फोसल्फयूरान 75 प्रतिशत मेटसल्फयूरान मिथाईल 5 प्रतिशत डब्लू०जी० 16 ग्राम मात्रा बुआई के 25-30 दिन बाद 150-200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड की दर से इन्होंने यह भी बताया कि किसान भाई अपनी फसल को कीट/रोग की समस्या से निदान हेतु सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्राणली के मोबाइल न० 9452247111 एवं 9452257111 पर समस्या लिखते हुए या कीट/रोग से सम्बन्धित पौधे की फोटो के साथ अपना पंजीकरण अथवा अपना नाम, ग्राम का नाम, विकास खण्ड का नाम जनपद का नाम लिखते हुए एस०एम०एस० / व्हाटसअप भेजें। और किसान भाइयों को सम्बन्धित समस्या के निदान की सूचना 48 घण्टों के अन्दर मोबाइल पर भेजी जायेगी।

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