योगी सरकार मत्स्य पालकों को देने जा रही है तोहफा*

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  सुनील सक्सेना की रिपोर्ट

बांदा:         मत्स्य पलकों की आय में वृद्धि हो इसको लेकर योगी सरकार अब सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम की बांदा में जल्द स्थापना करेगी। और राज्य सेक्टर योजना के अंतर्गत मत्स्य पालको को इससे आच्छादित किया जाएगा। और एरेशन सिस्टम की स्थापना के बाद मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि होगी। और योजना का लाभ लेने के लिए मत्स्य पालकों के आवेदन हेतु ऑनलाइन पोर्टल http://fisheries.up.gov.in को 29 दिसंबर से 7 जनवरी तक खोला जा रहा है। जिसमें मत्स्य पालक इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। और मत्स्य पालकों के चयन के बाद उनको इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

*कम समय मे ही मछलियों का बढ़ता है उत्पादन व मछलियाँ रहती हैं स्वस्थ*

दरअसल मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश की सरकार कई योजनाएं चला रही है। जिसमें तालाबों का आवंटन व उनको अतिक्रमण से मुक्त रखना शामिल है। ताकि मत्स्य पालक सरकार द्वारा चलाई जा रही लाभकारी योजनाओं का लाभ ले सके। और एरेशन सिस्टम मत्स्य पालन का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है जो पानी में ऑक्सीजन को बढ़ाता है। और इससे कम समय मे मछलियों में वृद्धि होती है और उनका स्वास्थ्य ठीक रहता है। खासकर गर्मियों के सीजन में जब पानी में ऑक्सीजन की कमी रहती है। और एरेशन सिस्टम से मछलियां स्वस्थ रहती हैं और तेजी से बढ़ती है। जिससे कम समय में ही मछलियों का उत्पादन बढ़ता है। इसके अलावा कम जगह में ज्यादा मछलियां भी पाली जा सकती हैं और ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों को भी एरेशन सिस्टम रोकता है और कुल उत्पादन को बढ़ाने का काम करता है। और यह पानी के पीएच और अन्य पैरामीटर को संतुलित रखने में मदद करता है।

*29 दिसंबर से 7 जनवरी तक मत्स्य पालक कर सकते हैं आवेदन*

योजना के संबंध में जानकारी देते हुए मत्स्य पालन अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम की स्थापना राज्य सरकार सेक्टर योजना के अंतर्गत मत्स्य पालकों को आच्छादित करने के लिए आवेदन हेतु विभागीय पोर्टल को 24 जुलाई 2025 से 31 अक्टूबर तक खोला गया था। वही अब इस योजना में पर्याप्त आवेदन हेतु इस पोर्टल को 29 दिसंबर से 7 जनवरी तक फिर से खोला जा रहा है जिससे कि जिले के मत्स्य पालकों को इस योजना का लाभ मिल सके। और वह वैज्ञानिक तकनीकी के माध्यम से मत्स्य पालन कर अपने उत्पादन को बढाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।

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