शिव शर्मा की रिपोर्ट
राजनांदगांव जिला पंचायत सदस्य व जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव (ग्रामीण) के महामंत्री ने प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा नई गाइडलाइन में जमीन-जायदाद के रेटों में की गई भारी वृद्धि को गरीब और मध्यम वर्ग पर सीधा हमला बताया है।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार बताएं —
क्या गरीब का घर बनाने का हक छीनना ही ‘विकास’ है?
क्या जमीन को गरीब-मध्यम वर्ग की पहुँच से बाहर करना ही ‘डबल इंजन’ की उपलब्धि है?
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता पहले ही महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट से जूझ रही है। ऊपर से जमीन के रेटों में की गई बेतहाशा वृद्धि ने आमजन की कमर तोड़ दी है। गरीब आदमी तो क्या, अब एक मध्यम वर्गीय परिवार भी जमीन खरीदने का सपना नहीं देख सकता। भाजपा सरकार का यह निर्णय जनता की तकलीफों में और आग लगाने वाला है।
श्री यादव ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने भूमि दरों को जानबूझकर इतना बढ़ा दिया है कि रियल इस्टेट सेक्टर में अव्यवस्था और विवाद और बढ़ें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार यह स्पष्ट करे कि आखिर किसके हितों की रक्षा की जा रही है? गरीबों की या बड़े जमीन कारोबारियों की?
उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन दरों में वृद्धि प्रधानमंत्री आवास योजना को भी पंगु बना देगी, क्योंकि जब जमीन ही नहीं खरीदी जा सकेगी तो गरीबों को मकान कैसे मिलेगा? सरकार बताए कि क्या उसकी योजनाएं सिर्फ कागज़ों में ही चलेंगी?
श्री यादव ने चेतावनी दी कि यदि भाजपा सरकार तुरंत नई गाइडलाइन को वापस लेकर भूमि दरों को कम नहीं करती, तो वे जनता को साथ लेकर तीव्र जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनहित के मुद्दों पर किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगी और गरीब व मध्यम वर्ग के हक की आवाज़ सड़कों से लेकर सदन तक बुलंद करती रहेगी।
