न्यायिक असंवेदनशीलता पर बार एसोसिएशन नरैनी का फूटा आक्रोश

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सोनू करबरिया की रिपोर्ट

नरैनी – आपको अवगत कराना है कि दिनांक 07 नवम्बर 2025 को न्याय अधिकारी माननीय आलोक कुमार वर्मा द्वारा अधिवक्ता विजय शुक्ला के एन.बी.डब्ल्यू. रिकॉल प्रार्थना पत्र पर अविवेकपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रार्थना पत्र वापस कर दिए जाने पर, बार एसोसिएशन नरैनी के अध्यक्ष सहित प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की।

भेंट के दौरान न्याय अधिकारी द्वारा अधिवक्ताओं के प्रति अमर्यादित व्यवहार करते हुए असम्मानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया और संवाद से इंकार कर दिया गया। इस आचरण से बार की गरिमा को ठेस पहुँची।

इस घटना के विरोध में बार एसोसिएशन नरैनी की बैठक दिनांक 08 नवम्बर 2025 को आयोजित की गई, जिसमें न्याय अधिकारी के व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।

इसके साथ ही, ग्राम न्यायालय में नियुक्त फौजदारी लिपिक अजय कुमार वर्मा पर भी अधिवक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करने, प्रक्रियाओं में अड़चनें उत्पन्न करने तथा सुविधा शुल्क की मांग एवं वसूली करने के गंभीर आरोप लगाए गए। इस विषय में पूर्व में भी न्याय अधिकारी से शिकायत की गई थी, किंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई।

इन समस्त परिस्थितियों से क्षुब्ध होकर बार एसोसिएशन नरैनी ने दिनांक 10 नवम्बर 2025 से अनिश्चितकाल के लिए न्यायिक कार्य से विरत रहने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है।

संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित न्याय अधिकारी एवं फौजदारी लिपिक का स्थानांतरण नहीं किया जाता, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य से पूर्णतः विरत रहेंगे।

इस संबंध में सूचना माननीय जनपद न्यायाधीश एवं माननीय उच्च न्यायालय को प्रेषित की जा रही है। इस बैठक में अधिवक्ता कामता प्रसाद पांडे, इंद्रदेव सिंह पटेल, श्याम बिहारी राजपूत, श्रीराम शर्मा, जितेंद्र मिश्रा, उमाकांत चतुर्वेदी, कपिल मुनि तिवारी, सौरभ पाठक,जगमोहन सिंह यादव, बलराम राजपूत,कमलाकांत द्विवेदी, प्रदीप साहू, राम सजीवन कबीर बेदी, लालाराम राजपूत आदि अधिवक्ता गण लोग उपस्थित रहे।

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