आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट
बांदा कुदरत की मार झेल रहे किसानों पर विगत रात्रि फिर से आसमानी आफत के रुप में बारिश के साथ साथ भीषण उपलवृष्टि होने से जहाँ एक ओर किसानों की हजारों बीघे फसलों को भारी नुकसान हुआ है तो वहीं फायदा दूसरी ओर लघु सीमांत किसानों को गहरा सदमा लगा हुआ है अपनी फसलों की बर्बादी देखकर कुछ क्षेत्रों के किसानों के सामने परिवार के भविष्य एवं भरण पोषण तथा बैंकों द्वारा कर्जे की भरपाई को लेकर उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही है लेकिन शायद ईश्वर के आगे कोई क्या कर सकता है कुछ ऐसा देखने को मिल रहा है जनपद बांदा के ब्लॉक नरैनी के अन्तर्गत सभी क्षेत्रों में जहाँ विगत रात्रि अचानक आये मानसून ने भीषण बारिश के साथ साथ भारी उपलवृष्टि करते हुये क्षेत्रीय किसानों की फसलों का लगभग सफाया कर दिया जिससे किसानों के सारे अरमान ढेर हो गये हैं!! वहीं कुछ क्षेत्रों में इस उपलवृष्टि से फायदा भी हुआ किसानों का कहना है यह उपलवृष्टि भरी वारिश ने खाद का काम किया है इससे फसल अच्छी होने की संभावना है अगर यही उपलवृष्टि दस पंद्रह दिनों बाद होती तो हमारी फसलों को भारी नुक़सान होता इस तरह से इस बारिश का किसानों में उनके क्षेत्रों के हिसाब से मिला-जुला असर पड़ा कहीं नुकसान तो कहीं फायदा हुआ।