*सत्ता में मदमस्त जनप्रतिनिधियों के नकारापन का दंश झेलता मतदाता बदलाव की ओर

राजनीति

 

आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट–
बांदा–आगामी बांदा चित्रकूट लोकसभा 2024 चुनाव में हावी हो रहे क्षेत्रीय मुद्दे तो कहीं दिखाई दे रही मौजूदा सांसद के प्रति नराजगी वहीं आरोपों प्रत्यारोपों का सिलसिला भी हुआ प्रारंभ भाजपा, सपा, बसपा के प्रत्याशियों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के साथ सपा भाजपाके प्रत्याशियों के बदले जाने वाली तमाम अटकलों पर विराम लग गया वहीं जनता ऊहापोह की स्थिति से बाहर आकर एक निर्णायक भूमिका अदा करने को तैयार हो
गयी है मौजूदा सांसद आर० के० सिंह की अपने कार्यकाल में निर्वाचन क्षेत्र की जनता से बरती गयी दूरी आज उन्हें इतनी भारी पड़ रही है कि वह खुले मंच से अपने बरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपनी गलतियों की माफ़ी मागनें के लिये बाध्य हो गये पर आज संसदीय क्षेत्र की जनता उनके माफीनामा को स्वीकार करने के मूड में नजर नहीं
आ रही लोकसभा इनकी नकरात्मक कार्यशैली से आज बांदा चित्रकूट की जनता अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य, पानी, बिजली के साथ साथ रोजगार के आयाम खोज रही है जनता चाहती है की लोगों की बेरोजगारी दूर हो युवाओं का पलायन रूके आज यहां के लोग अपने भरण पोषण के लिये दिल्ली पंजाब हरियाणा गुजरात बम्बई जा रहे हैं जिसकी पूर्ति के लिये यहाँ पर रोजगार के संसाधन खुलना चाहिए ताकि उपरोक्त जगहों के लोग यहाँ आयें और जो भी ऐसा करेगा हम उन्हें ही अपना समर्थन देगें ना की उसे जो पांच वर्ष तक दिखाई ही ना दे। वहीं दूसरी ओर बसपा के प्रत्याशी ने मौजूदा सांसद आर के सिंह पटेल पर विकास के प्रति उदासीन रहने के साथ साथ अबैध खनन, ओवरलोडिंग आदि कारोबार मे संल्पित रहने के भी गंभीर आरोप लगाये गये।
साथ ही बसपा प्रत्याशी मंयक द्विवेदी ने क्षेत्र के मतदाताओं से कहा भी है कि आज हमारे मध्य हमारे पिता जी नहीं है उनकी जगह हमारे सभी बुजुर्ग ही हमारे चाचा दादा हैं हमे युवाओं का साथ सभी बुजुर्गों का साथ एवं आर्शीवाद मिल रहा है तथाआप सबकाआशीर्वाद हमेशा इसी तरह आगे भी मिलेगा मै हमेशा आपके साथ हूँ और साथ रहूंगा।
कर्वी विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने पानी की समस्या के साथ एल एनटी द्वारा नमामि गंगे परियोजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के नाम पर ध्वस्त की गई सडको ग्राम के अंदर बनी सीसी रोड़ के ध्वस्त करने के आरोप लगाए तो कुछ लोगों ने मौजूदा सरकार पर ही आरोप लगा दिया की वह पुराने कार्यो को रंग रोगन कर उन्हें अपना नाम दे रही है।कुछ का कहना है कि हमें योगी मोदी जी चाहिए तो कुछ कह रहे हैं कि यहाँ योगी मोदी जी थोडे देखने आ रहे है यहाँ तो हमे इसी को झेलना पडेगा जो आम जनता के लिए नहीं सिर्फ बालू के कारोबार के लिए सत्ता पाना चाहता है और विशेष जाति वर्ग का नेता है आमजनता की समस्याओं से कोसो दूर है तो ना चाहते हुए भी हम इसे अपना मत क्यों देगें!!

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