अनिल सक्सेना अभिवादन एक्सप्रेस
बांदा। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन की मंशानुरूप जनपद में संचालित यातायात सुरक्षा जागरूकता माह नवंबर-2026 के अंतर्गत सोमवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, महोखर में विशेष जनजागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आवासीय विद्यालय की 87 छात्राओं को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
उल्लेखनीय है कि जनपद बांदा में यातायात सुरक्षा जागरूकता माह का शुभारंभ 1 नवंबर को अपर पुलिस अधीक्षक बांदा श्री शिवराज द्वारा महाराणा प्रताप चौक पर फीता काटकर किया गया था। इस दौरान यातायात जागरूकता रैली एवं विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पूरे नवंबर माह तक आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया है।
इसी क्रम में आयोजित कार्यक्रम में यातायात प्रभारी महेन्द्र प्रताप सिंह ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करना तथा सड़क पार करते समय सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपने और दूसरों के जीवन की सुरक्षा के लिए करना चाहिए।
मंडलीय ट्रेनर पीयूष मिश्रा ने छात्राओं को यातायात नियमों की व्यवहारिक जानकारी देते हुए कहा कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने यातायात संकेतों, सड़क पर चलने के सही तरीके, जेब्रा क्रॉसिंग के उपयोग तथा सुरक्षित आवागमन के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
जनपदीय सड़क सुरक्षा समन्वयक समिति के सदस्य सुनील सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की शुरुआत अपने घर से ही होनी चाहिए। छात्राएं अपने माता-पिता, भाई-बहनों एवं परिवार के अन्य सदस्यों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि जब बच्चे जागरूक होंगे तो परिवार और समाज में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि यातायात नियमों का पालन करना एक अच्छी आदत ही नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। सभी छात्राओं से स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार, पड़ोस और समाज में भी सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की अपील की गई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाकर उन्हें यातायात नियमों का जिम्मेदार नागरिक एवं संदेशवाहक बनाना रहा, ताकि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय से कविता गुप्ता, प्रज्ञा सिंह, सुमन सिंह, दीक्षा राजपूत, सुमन निगम, प्रदीप वर्मा आदि ने सहयोग प्रदान कर जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।