ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
0-जालौन सर्किल में 70 से 75 स्थानों पर स्थापित होंगी मां दुर्गा की प्रतिमाएं, पंडालों से लेकर मंदिरों और मेले तक सुरक्षा का ले रहे जायजा
जालौन। शारदीय नवरात्रि को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जालौन पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डिप्टी एसपी अजय कुमार सिंह स्वयं सक्रिय नजर आ रहे हैं। वह लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर दुर्गा पूजा पंडालों, देवी मंदिरों और मेला स्थलों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जालौन सर्किल क्षेत्र में करीब 70 से 75 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जानी हैं।जिसमे सर्वाधिक जालौन नगर है इसके बाद कुठौद तथा सिरसा कलार थाना क्षेत्र मे भी देवी प्रतिमाओ को पंडालो मे विराजमान किया जा रहा है।इसके अलावा गांव-गांव स्थित देवी माता के मंदिरों में भव्य सजावट के साथ देवी जागरण सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीओ अजय कुमार सिंह स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। भीड़ नियंत्रण, आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि नवरात्रि के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। उन्होंने आयोजकों से भी सुरक्षा मानकों का पालन करने और पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने की अपेक्षा की।
सीओ ने श्रद्धालुओं और दुर्गा पूजा समितियों से अपील की कि वे धार्मिक आयोजनों को आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे के साथ संपन्न कराएं तथा प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।
इसी क्रम में सीओ अजय कुमार सिंह ने जालौन सर्किल क्षेत्र के जालौनी माता मंदिर में लगने वाले मेले का भी निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नवरात्रि को लेकर उनकी सक्रियता और लगातार क्षेत्रीय भ्रमण से पुलिस की तैयारियों को गति मिल रही है। पुलिस प्रशासन का प्रयास है कि मां दुर्गा की आराधना का पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो और श्रद्धालु निर्भय होकर पूजा-अर्चना कर सकें।