ब्रजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। नगर की ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव-2026 के तीसरे दिन मुनि याचना एवं ताड़का वध की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।
लीला के प्रथम दृश्य में महर्षि विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में पहुंचते हैं और राक्षसों द्वारा यज्ञ एवं साधना में बाधा डालने की समस्या बताते हुए भगवान राम और लक्ष्मण को अपने साथ भेजने की याचना करते हैं। इस दौरान राजा दशरथ और महर्षि विश्वामित्र के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को भावुक कर दिया। राजा दशरथ अपने पुत्रों को भेजने में संकोच करते हैं, लेकिन गुरु वशिष्ठ के समझाने पर वह राम और लक्ष्मण को महर्षि विश्वामित्र के साथ भेजने के लिए तैयार हो जाते हैं।
इसके बाद दूसरे दृश्य में महर्षि विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को लेकर वन की ओर जाते हैं, जहां उनका सामना बलशाली राक्षसी ताड़का से होता है। ताड़का विश्वामित्र पर आक्रमण करने के लिए दौड़ती है। इसके बाद भगवान राम और ताड़का के बीच युद्ध होता है, जिसमें भगवान श्रीराम ताड़का का वध कर देते हैं। इस दौरान हास्य कलाकार पंचम दीवाना ने अपनी हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को खूब हंसाया।
राम की भूमिका मनोज तिवारी उर्फ काजू महाराज, लक्ष्मण की शिवू पाराशर, महर्षि विश्वामित्र की सुरेंद्र पाराशर तथा राजा दशरथ की भूमिका रमेश दुबे ने निभाई। कलाकारों के अभिनय और संवादों को दर्शकों ने सराहा।
रामलीला का निर्देशन पं. प्रयाग नारायण दुबे ने किया, जबकि संचालन राजकुमार मिझौना ने किया। संगीत व्यास के रूप में केशव महाराज ने अपनी प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बनाया।
कार्यक्रम के शुभारंभ में रामलीला अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मंत्री पवन चतुर्वेदी सहित रामलीला एवं दशहरा कमेटी के सदस्यों ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की आरती की। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों ने सहयोग किया।