दीनदयाल साहू की रिपोर्ट
सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत संचालित ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के विकास के लिए समाज और प्रशासन की भागीदारी बढ़ाई जा रही है। इसी पहल के तहत बलरामपुर जिले के विभिन्न केंद्रों में अधिकारियों ने बच्चों से मुलाकात की, उनके साथ खेल गतिविधियों में हिस्सा लिया और उन्हें खिलौने तथा फल भेंट किए।

वनमंडलाधिकारी श्री आलोक कुमार बाजपेयी ग्राम पंचायत महेशपुर के दलधोवा (नवापारा) आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। उन्होंने बच्चों को रंग-बिरंगे खिलौने और फल दिए तथा उनके साथ बैठकर बातचीत की। श्री बाजपेयी ने कहा कि बचपन में मिलने वाला प्यार, पोषण और प्रोत्साहन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। खेल के माध्यम से सीखने से उनकी रचनात्मकता और समझ विकसित होती है। उन्होंने ग्रामीणों और अभिभावकों से बच्चों के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।
जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री मुकुंद कुमार कर्ण ने विभिन्न बैंकों के नोडल अधिकारियों के साथ बलरामपुर क्षेत्र के बैंगापारा, जमुआटांड नदीपारा, जमुआटांड और डूमरखोरका स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा किया। यहां पहाड़ी कोरवा और पण्डो सहित विभिन्न समुदायों के बच्चों को खिलौने वितरित किए गए। श्री कर्ण ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि खेल-खेल में सीखने से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ती है और वे आंगनबाड़ी आने के लिए प्रेरित होते हैं। इस दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) और वित्तीय साक्षरता केंद्र (सीएफएल) के सदस्य भी उपस्थित रहे।
अभियान के तहत जिले के अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों में भी जिला अधिकारियों ने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें खेल सामग्री दी। इस दौरान केंद्रों में संचालित पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, पूरक पोषण आहार और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी भी ली गई। ‘आंगन मिलन सेवा’ का उद्देश्य आंगनबाड़ी व्यवस्था से प्रशासन और समाज का जुड़ाव बढ़ाकर बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में सहभागिता सुनिश्चित करना है।