सनत कुमार बुधौलिया की रिपोर्ट
जिलाधिकारी समीर के निर्देशन में बुधवार को जनपद के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारियों एवं अन्य अधिकारियों ने विकास भवन, लोक निर्माण विभाग, एआरटीओ, विद्युत तथा शिक्षा विभाग के कार्यालयों का निरीक्षण कर कर्मचारियों की उपस्थिति, अभिलेखों, लंबित प्रकरणों, साफ-सफाई एवं जनसुविधाओं की स्थिति जांची।
विकास भवन स्थित कृषि, एनआरएलएम, सहकारिता, पशुपालन, ग्रामीण अभियंत्रण, डीआरडीए, डूडा, नेडा, लघु सिंचाई, जिला विकास अधिकारी एवं जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालयों में कई अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कुछ कर्मचारियों के अवकाश अथवा विभागीय कार्य से बाहर होने की जानकारी दी गई, जबकि कुछ मामलों में उपस्थिति पंजिका और प्रार्थना पत्र पंजिका में अंतर पाया गया। बिना पूर्व सूचना अथवा स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न कार्यालयों में भी अनुपस्थित कर्मचारियों के संबंध में जानकारी ली गई। एआरटीओ कार्यालय में तीन कर्मचारी बिना पूर्व सूचना/स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित मिले। कार्यालय में महत्वपूर्ण पुरानी पत्रावलियां खुले में मिलने तथा साफ-सफाई की स्थिति खराब पाए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अभिलेखों को सुरक्षित रखने और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए। जनता से बातचीत में सर्वर समस्या एवं सूचना पट्ट के अभाव की शिकायत पर भी आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग के दोनों कार्यालयों के निरीक्षण में उपस्थिति एवं व्यवस्थाओं की जांच की गई। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पेंशन एवं जीपीएफ तथा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पुरानी ऑफलाइन शिकायतें लंबित मिलीं। संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में समयबद्ध उपस्थिति, अभिलेखों का सुरक्षित रख-रखाव, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण और आमजन को सुचारु सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।