बृजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार माननीय जनपद न्यायाधीश श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह के कुशल मार्ग-दर्शन में आगामी दिनांक 02.10.2026 को अंहिसा दिवस के अवसर पर चलाये जा रहे विशेष अभियान के अन्तर्गत दिनांक 25.09.2026 से 02.10.2026 तक विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम आज दिनांक 29.09.2026 को तहसील उरई के अन्तर्गत राजकीय इण्टर काॅलेज उरई में आयोजन किया गया, जिसमें पॉक्सो एक्ट 2012 एवं उनके कानूनी अधिकारों और बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं विभिन्न विधिक एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गयी ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन की सचिव श्रीमती मनाली चन्द्रा द्वारा बताया कि आज इस शिविर की अध्यक्षता करते हुये विषेश न्यायाधीश/अपर जिला जज श्री राजीव सिंह द्वारा द्वारा उपस्थित समस्त छात्र-छात्राओं को बताया गया कि पॉक्सो एक्ट का निर्माण महिला एंव बाल विकास मंत्रालय द्वारा साल 2012 में पोक्सो एक्ट-2012 (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) के नाम से किया गया था। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार से सैक्सुअल शोषण करने वाले व्यक्ति पर इस एक्ट के तहत कार्यवाही की जाती है। इस कानून का निर्माण नाबालिग बच्चों के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, पोर्नोग्राफी और छेड़छाड़ के मामलों को रोकने के लिए किया गया था। इस कानून के द्वारा अलग-अलग अपराधों के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान है। विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के मुख्य प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर सिविल जज सी०डि०/एफटीसी० श्री रजत सिंह यादव द्वारा समस्त छात्र-छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 112 (आपातकालीन नंबर) जैसे नंबरों की जानकारी दी । उन्होंने डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी और तस्वीरों को सुरक्षित रखने और साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए गए। उन्होंने बताया कि जनपद न्यायालय परिसर जालौन स्थान-उरई में स्थापित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय किसी भी कार्य दिवस में जाकर विधिक सहायता हेतु जानकारी प्राप्त कर सकते है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक टोल फ्री नं० 15100 पर काॅल करके भी आप विधिक सहायता प्राप्त कर सकते है। उन्होंने बताया कि गुड टच-बैड टच और व्यक्तिगत सुरक्षा पर दिया जोर देते हुये उसके बीच का अंतर समझाया। बच्चों को प्रेरित किया गया कि यदि उन्हें किसी भी व्यक्ति का व्यवहार असहज या संदिग्ध लगे, तो वे बिना किसी डर या झिझक के तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। उन्होंने छात्रों से अपील की कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या गलत व्यवहार को छिपाने की जगह खुलकर अपनी बात रखें।
कार्यक्रम के अन्त में स्कूल के प्रधानाचार्य श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया और कहा कि ऐसे विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और कानूनी जागरूकता बढ़ती है।
शिविर का संचालन कर रहे पी.एल.वी श्री महेश सिंह परिहार ने लोक अदालतों और सुलह-समझौता केन्द्र के लाभ बताये और विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली विभिन्न कानूनी सुविधाओं के सम्बन्ध में बताया।
इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के डी०ई०ओ० श्री दीपक नरायण, पी०एल०वी० श्री महेन्द्र कुमार मिश्रा, योगेन्द सिंह तखेले, अध्यापक एवं अध्यापिका समेत दर्जनों छात्र छात्रायें उपस्थित रहे।