बृजेश उदैनियाँ की रिपोर्ट
जालौन। विश्व फार्मासिस्ट दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जालौन स्वास्थ्य केंद्र पर आशा कार्यकर्ताओं एवं संगिनियों की क्लस्टर मीटिंग आयोजित की गई। बैठक में मैडम सतमा ने आशा एवं संगिनी कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और स्वास्थ्य देखभाल के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं के रक्त की जांच समय-समय पर कराई जाए। जिन महिलाओं में हीमोग्लोबिन करीब 7 से 9 ग्राम तक है, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन की दवा एवं आवश्यक उपचार दिलाया जाए। साथ ही गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोलियां नियमित रूप से खिलाने तथा उनकी जांच कराते रहने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि गर्भवती महिलाओं की समय से जांच और उचित देखभाल होने पर जच्चा-बच्चा दोनों के स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सकता है। स्वास्थ्य केंद्र पर रक्त की जांच सही तरीके से कराने और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई।
धंतोली केंद्र, धनोरा तथा भारत कुमारी संगिनी के क्षेत्र सारंगपुर, हरिपुरा, जगनेवा, बिरेहरा, भिटारा आदि क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
*मानदेय और सुविधाओं की उठाई मांग*
बैठक के दौरान आशा एवं संगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं को भी उठाया। उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाकर करीब 18 से 20 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि ग्राम स्वास्थ्य समिति का पैसा करीब पांच वर्षों से लंबित है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा केंद्र बनाए जाने तथा प्रसव के लिए सीएचसी पर ठहरने की उचित व्यवस्था किए जाने की भी मांग उठाई।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में आशा बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके कार्य को देखते हुए सरकार को उनकी समस्याओं और सुविधाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की बात भी कही।
बैठक में आशा कुमकुम, विमला, लता, प्रीति, गीता, भारत कुमारी सहित अन्य आशा एवं संगिनी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।