*नुक्कड़ नाटक एवं रेबीज टीकाकरण शिविर से प्रारंभ हुआ सात दिवसीय रेबीज जागरूकता कार्यक्रम*

अनिल सक्सेना की रिपोर्ट

 

बांदा।     पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा द्वारा सात दिवसीय रेबीज जागरूकता सप्ताह 22 से 28 सितंबर 2026 तक मनाया जा रहा है। जागरुकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समुदाय एवं विद्यार्थियों को रेबीज जैसे गंभीर एवं घातक रोग के प्रति जागरूक करना तथा मानव एवं पशुओं में इसकी रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों एवं उपायों की जानकारी प्रदान करना है।

जागरुकता सप्ताह की शुरूआत ग्राम मवई बुज़ुर्ग में रेबीज जागरूकता कार्यक्रम एवं टीकाकरण शिविर के आयोजन के साथ हुई। कार्यक्रम में ग्राम मवई बुज़ुर्ग के प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए विशेष रेबीज जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में विद्यार्थियों को रेबीज के कारण, संक्रमण के तरीके, प्रमुख लक्षण, पशु के काटने अथवा खरोंचने की स्थिति में अपनाई जाने वाली तत्काल सावधानियों तथा समय पर उपचार एवं टीकाकरण के महत्व के बारे में विषय विशेषज्ञ डॉ. रेनू सिंह, डॉ. उमाकांत वर्मा, डॉ. जितेंद्र सिंह एवं डॉ. दीपेश भारत मिश्रा द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को विशेष रूप से बताया गया कि संदिग्ध पशु के काटने या खरोंचने के बाद घाव को तुरंत साबुन एवं बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना विलंब चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

जागरूकता को और अधिक प्रभावी एवं रोचक बनाने के लिए विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों के समक्ष पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से रेबीज के खतरे, संक्रमित पशु के व्यवहार में संभावित परिवर्तन, पशु के काटने के बाद बरती जाने वाली सावधानियों तथा समय पर टीकाकरण के महत्व को सरल एवं प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में ग्राम मवई बुज़ुर्ग में पशु स्वास्थ्य एवं टीकाकरण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पशुपालकों को रेबीज की रोकथाम, पशुओं के नियमित टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन एवं सुरक्षित पशुपालन के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई तथा श्वानों का रेबीजरोधी टीकाकरण किया गया। कार्यक्रम में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, बांदा के एसोसिएट डीन डॉ. शैलेन्द्र चौरसिया, डॉ. उपेन्द्र सिंह, डॉ. मयंक दुबे सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, विद्यार्थी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *