* सनत कुमार बुधौलिया
जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप राजस्व वसूली में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दास्त नहीं की जाएगी। लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली वाले विभागों की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर वसूली में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा में राज्यकर, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, परिवहन, आबकारी तथा खनिज विभाग में क्रमिक लक्ष्य के सापेक्ष वसूली कम पाई गई। इसी प्रकार मंडी समितियों तथा नगर पालिकाओं में भी अपेक्षित राजस्व वसूली न होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व वसूली केवल कागजी प्रगति तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई दे। उन्होंने 10 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करने तथा सभी लंबित आरसी को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड कराने के निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अमीनों की संयुक्त टीम सप्ताह में कम से कम दो दिन विशेष अभियान चलाकर आरसी की वसूली सुनिश्चित करेगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को वसूली के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने, प्रवर्तन कार्यों को प्रभावी बनाने तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंडी समितियों के सभापति के रूप में उप जिलाधिकारियों को मंडियों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया।जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराने, नगर पालिका क्षेत्रों में नो-बिल्डिंग जोन चिन्हित करने तथा सरकारी भूमि पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने तैनाती स्थल पर निवास करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप पूरी जिम्मेदारी और सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी रिन्कू सिंह राही सहित समस्त उप जिलाधिकारी, सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।