अनिल सक्सेना की रिपोर्ट
बांदा। श्रीमान् पुलिस महानिदेशक उ०प्र० लखनऊ के द्वारा चलाये जा रहे अभियान “आपरेशन कन्विक्शन” के अन्तर्गत श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय रेलवे अनुभाग झांसी श्री विपुल कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में एवं पुलिस उपाधीक्षक रेलवे अनुभाग झांसी श्री सलीम खाँ के पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक श्री हरिनाथ सिंह /सम्बन्धित विवेचकगण थाना जीआरपी बांदा द्वारा की गयी गुणवत्तापूर्ण विवेचना / पैरवी के साथ ही सहायक अभियोजन अधिकारी श्री सन्तोष कुमार यादव रेलवे अनुभाग झांसी के द्वारा किये जा रहे सघन अभियोजन कार्य के फलस्वरूप मा० न्यायालय ए0सी0जे0एम0 रेलवे बांदा श्रीमान दिव्यकान्त सिंह राठौर के द्वारा थाना जीआरपी बांदा पर पंजीकृत 1. मु.अ.सं.- 05/2022, वाद सं. 501/2022 धारा 380/411 भादवि थाना जीआरपी बांदा से सम्बन्धित अभियुक्त रिंकू चौरसिया पुत्र सुरेश नि. मोचियाना मुहल्ला थाना कोतवाली नगर बांदा जनपद बांदा को उपरोक्त मुकदमे मे धारा 380 भादवि मे दोषमुक्त व धारा 411 भादवि मे जेल मे विताई गई अवधि से दण्डित किया गया। तथा 2. मु0अ0सं0-15/2022 वाद सं0-503/2022 धारा 411/414 भादवि थाना जीआरपी बांदा से सम्बन्धित अभियुक्तगण 1. सफीक उर्फ मोटा पुत्र कल्लू नि.ग्राम छिपरहटी नाला थाना कोतवाली नगर बांदा जनपद बांदा, 2. रिंकू चौरसिया पुत्र सुरेश नि. मोचियाना मुहल्ला थाना कोतवाली नगर बांदा जनपद बांदा को उपरोक्तगण को धारा 414 भादवि मे दोषमुक्त व धारा 411 भादवि मे जेल में बिताई गयी अवधि से दण्डित किया गया प्रभारी निरीक्षक हरिनाथ सिंह थाना जीआरपी बांदा द्वारा बताया गया कि ऐसी सजा से अपराधियों का मनोबल गिरता है तथा श्रीमान SP महोदय के निर्देशन में अन्य चिन्हित मामलो में भी मान० न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर अपराधियो को सख्त से सख्त सजा दिलवायी जायेगी, जिससे अपराधियों का मनोबल गिर सके और एक अच्छे समाज का निर्माण हो सके । घटना का संक्षिप्त विवरण:- मु.अ.सं. 05/2022 धारा 380/411 भादवि मे अभियुक्त सिंकू चौरसिया उपरोक्त के कब्जे से एक अदद आधार कार्ड, 01 अदद चार्जर मय डाटा केवल, व 200 रूपया नाजायज बरामद हुआ था जिसके आधार पर थाना स्थानीय पर उपरोक्त अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार कार्यवाही की
गयी थी। व मु.अ.स.-15/2022 धारा 411/414 भादवि से सम्बन्धित अभियुक्तगण 1. सफीक उर्फ मोटा, 2. रिकू चौरसिया उपरोक्तगण के कब्जे से चोरी के दो अदद मोबाइल क्रमशः वीवो कम्पनी व आईटेक कम्पनी का बरामद हुआ था जिसके बाद मुकदमा उपरोक्त मे आवश्यक कार्यवाही करते हुए बरामदगी आधार पर अभियुक्तगण को जेल भेजा गया था।